
संभल में करप्शन पर 'सर्जिकल स्ट्राइक' (Image - FB/@SambhalPolice)
SOG Team Suspended Sambhal: संभल जनपद में एसओजी टीम पर लगे गंभीर आरोपों की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पूरी एसओजी टीम को निलंबित कर दिया है। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर एसओजी प्रभारी उप निरीक्षक मोहित कुमार समेत कुल आठ पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसओजी टीम पर एक कबाड़ी के साथ मारपीट, अवैध वसूली और जबरन धातु हड़पने जैसे गंभीर आरोप लगे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच सीओ संभल आलोक भाटी को सौंपी थी। सीओ की विस्तृत जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह कड़ी कार्रवाई की गई। रिपोर्ट सामने आने के बाद उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कानून के रखवाले अगर कानून तोड़ेंगे तो उनके खिलाफ भी उसी सख्ती से कार्रवाई होगी।
यह मामला कोतवाली क्षेत्र के लाडम सराय इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां एसओजी टीम ने मुरादाबाद जिले के बिलारी निवासी एक कबाड़ी को पकड़ा था। उसके पास से मोबाइल प्लेट से निकली सिल्वर धातु बरामद होने की बात कही गई थी। आरोप है कि टीम उसे माल सहित चौधरी सराय पुलिस चौकी ले गई और कमरे में बैठाकर उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद एक स्थानीय कबाड़ी के माध्यम से रुपये लेकर उसे छोड़ दिया गया, जबकि बरामद धातु अपने पास रख ली गई।
पीड़ित कबाड़ी का आरोप है कि उसे छोड़ने के बाद भी एसओजी टीम ने धातु लौटाने के बदले और अधिक रुपये की मांग की थी। इस घटना से स्थानीय व्यापारियों में भारी नाराजगी फैल गई थी। मामले की जानकारी सामने आने के बाद मीडिया द्वारा इसे प्रमुखता से उजागर किया गया, जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई गई।
केवल लाडम सराय की घटना ही नहीं, बल्कि रायसत्ती थाना क्षेत्र में भी एसओजी टीम पर इसी तरह के गंभीर आरोप लगे थे। लगातार सामने आ रही शिकायतों ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए थे। इन सभी मामलों को जोड़कर जांच की गई, जिसमें टीम की कार्यशैली को संदिग्ध पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि एक के बाद एक शिकायतों ने इस कार्रवाई की नींव रखी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर एसओजी प्रभारी उप निरीक्षक मोहित कुमार के अलावा हेड कांस्टेबल कुलवंत, हेड कांस्टेबल अरशद, कांस्टेबल विवेक, बृजेश, हीरेश ठेनुआ, आयुष और अजनबी को निलंबित किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन सभी पर अलग-अलग स्तर पर आरोप लगे थे, जिनकी पुष्टि जांच में हो गई। निलंबन के साथ ही इनके खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।
पूरी एसओजी टीम के निलंबन के बाद उप निरीक्षक बोबिंद्र शर्मा को नया एसओजी प्रभारी नियुक्त किया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि नए प्रभारी को टीम की कार्यप्रणाली सुधारने और जनता का भरोसा दोबारा कायम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने साफ शब्दों में कहा है कि जांच में एसओजी टीम पर लगे आरोप सही पाए गए हैं, इसलिए पूरी टीम को निलंबित किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस बल में अनुशासन और ईमानदारी सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या दबंगई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासनात्मक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
Updated on:
16 Feb 2026 08:44 pm
Published on:
16 Feb 2026 08:44 pm
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