
संभल के पीएमश्री स्कूल में हिजाब-टोपी विवाद..
PMShri School Hijab Sambhal: उत्तर प्रदेश के संभल जिले के पीएमश्री विद्यालय में बच्चों को हिजाब और टोपी पहनाकर इस्लामिक प्रार्थना कराने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। आरोप है कि विद्यालय में हिंदू छात्र-छात्राओं को धार्मिक गतिविधियों में शामिल कराया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक को निलंबित कर दिया। साथ ही दोनों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब विद्यालय से जुड़े कुछ वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। इन वीडियो में छात्राएं हिजाब पहने और छात्र टोपी लगाकर इस्लामिक शैली में प्रार्थना करते दिखाई दिए। वीडियो में बच्चों द्वारा अल्लामा इकबाल की लिखी मशहूर प्रार्थना दुआ बनके तमन्ना मेरी पढ़े जाने का भी दावा किया गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी फैल गई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग की टीम ने 8 मई 2026 की सुबह विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार मौजूद मिले, जबकि अन्य स्टाफ अनुपस्थित पाया गया। अधिकारियों ने स्कूल में मौजूद बच्चों से भी पूछताछ की। बच्चों ने बताया कि वायरल वीडियो कुछ समय पहले के हैं, जब मोहम्मद अंजार अहमद विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात थे। फिलहाल वे मेडिकल लीव पर चल रहे हैं।
जांच के दौरान सहायक अध्यापक मोहम्मद गुल एजाज का नाम भी सामने आया। बताया गया कि वे वर्ष 2014 से विद्यालय में उर्दू मौलवी शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार उन पर विद्यालय में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं। आरोपों में छात्राओं को हिजाब पहनने के लिए प्रेरित करना, सजदा करना सिखाना और छात्रों को टोपी पहनकर आने के लिए कहना शामिल है। इस पूरे मामले को सरकारी विद्यालय के वातावरण और शिक्षा व्यवस्था के विपरीत माना जा रहा है।
प्रशासनिक रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विद्यालय परिसर में धार्मिक पक्ष को बढ़ावा देने से सरकारी कार्य प्रभावित हुए। आरोप है कि प्रधानाध्यापक मोहम्मद अंजार अहमद और सहायक अध्यापक ने अपने कर्तव्यों का निष्पक्ष तरीके से पालन नहीं किया। उन पर धर्म और भाषा के आधार पर भेदभाव फैलाने तथा धार्मिक असहिष्णुता को बढ़ावा देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में किसी भी प्रकार की धार्मिक पक्षधरता स्वीकार नहीं की जा सकती।
संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके आदेश पर प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक को निलंबित करने के साथ दोनों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई। वहीं प्रभारी प्रधानाध्यापक वालेश कुमार को अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन न करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि किसी भी सरकारी कर्मचारी की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम अंकित खंडेलवाल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीडीओ गोरखनाथ भट्ट की अध्यक्षता में एक विशेष जांच टीम का गठन किया है। इस टीम को विद्यालय में हुई गतिविधियों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने स्पष्ट कहा कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा का माहौल बेहतर बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।
Updated on:
11 May 2026 10:10 am
Published on:
11 May 2026 10:10 am
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