20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खलीलाबाद नगरपालिका परिषद से सरकारी अभिलेख गायब, जांच में हुआ खुलासा

जांच टीम ने नगर पालिका अध्यक्ष के पांच साल के काम की एसआईटी या विजिलेंस से जांच कराने को लेकर शासन को भेजा पत्र ।

2 min read
Google source verification
 Khalilabad Municipality Council

खलीलाबाद नगरपालिका परिषद

नजमुल होदा की रिपोर्ट

संतकबीरनगर. ज़िले के खलीलाबाद नगरपालिका परिषद में घोटालों का अंबार सा लगा है। इंटररलाकिंग सड़क निर्माण और शहर में लगाये गए आरो मशीन के घोटाले का मामला अभी थमा भी नहीं था कि एक बड़ा घोटाला सामने आ गया। दरअसल नगरपालिका परिषद खलीलाबाद ने एक अखबार के माध्यम से एक टेंडर का विज्ञापन निकाला था, जिसमें ऐसे काम का टेंडर निकाला गया जो महीनों पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं और कुछ का तो विधिवत लोकार्पण भी कर दिया गया है।

कहा जा रहा है कि चेयरमैन और अधिशासी अधिकारियों ने मिलकर शासन को करोड़ों रुपये का चूना लगाने के लिए फर्जी भुगतान कर करोड़ों रुपए हड़पने की पूरी तैयारी कर रखी थी। लेकिन करोड़ों के बंदरबांट की शिकायत एचआर पीजी कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और भाजपा नेता श्याम सुंदर वर्मा ने की तो डीएम ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की । जांच टीम में सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग, अधिशासी अभियंता सिंचाई सरयू नहर और उप जिलाधिकारी खलीलाबाद शामिल थे।

इस तीन सदस्यीय टीम ने पूरे शिकायती पत्र पर गौर करने बाद पूरे मामले की गहनता से जांच की और जांच के बाद जब टीम नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के ऑफिस में पहुंची और जब कराए गए विकास कार्यों के सरकारी अभिलेख मांगे तो ज्यादा तरफ सरकारी अभिलेख कार्यालय से गायब मिले और इओ खलीलाबाद जांच टीम को अभिलेख नहीं दिखा सके इसके बाद तीन सदस्यीय टीम ने मामला गंभीर देते हुए पूरी जांच रिपोर्ट DM को सौंपी। जांच टीम ने साफ शब्दों में लिखा है कि खलीलाबाद नगर पालिका परिषद में सरकारी अभिलेख मांगने पर उपलब्ध नहीं हो सके जो मामला गंभीर लगता है इसलिए नगरपालिका खलीलाबाद के अध्यक्ष के पांच साल के पूरे काम की किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी विजिलेंस या एसआईटी एजेंसी से कराई जाए। जिसके बाद इस पूरी रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने पूरी जांच रिपोर्ट को शासन को भेजकर विजिलेंस या इस आईटी से जांच कराने की मांग की है।

स्थानीय सभासदों की माने तो इससे पहले इंटरलाकिंग सड़क निर्माण में जहां एक ही सड़क को कईबार उखाड़कर फिर उसी के नाम पर करोड़ों का बंदरबांट किया गया था, वहीं शहर में नौ सार्वजनिक स्थानों पर आरो मशीन लगाई गई है जिसमे एक मशीन की कीमत डेढ़ लाख रुपये से ज़्यादा की नहीं थी, लेकिम यहां हर मशीन की खरीद के पीछे 17 लाख रूपये से 18 लाख रुपये का भुगतान किया गया। लेकिन इस बार नगरपालिका परिषद खलीलाबाद ने जो कारनामा किया है वो सभी घोटालों को पीछे छोड़ दिया है।