
आमी नदी
संतकबीरनगर. आमी नदी को बचाने के लिए अब ग्रामीण एकजुट होने लगे है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी को बचाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और गंदगी मुक्त करने की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी भी दी । ग्रामीण पर्यावरण और पर्यटन मंत्री से जल्द ही मिलकर नदी को प्रदूषण मुक्त करने के संबंध में गुहार लगायेंगे ।
ग्रामीणों ने बेलहर में आमी नदी के तट पर प्रदर्शन किया और इस संबंध में जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी । ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती के चीनी मिल का कचरा नदी में आने से आमी नदी प्रदूषित हो रही है । चीनी मिल का केमिकल नदी में आने से पानी प्रदूषित हो रहा है और जानवर दूषित पानी पीने को मजबूर हैं ।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान दिलाया गया, मगर नदी को बचाने का ठोस प्रयास नहीं किया गया और नदी संरक्षण के नाम पर सिर्फ कागजी खानापूर्ति हुई । ग्रामीणों का कहना है कि नदी के तट पर विद्युत शवदाह गृह बनाया जा रहा है उससे भी नदी प्रदूषित होगी ।
बेलहर क्षेत्र में वर्षो से अमृत समान बहने वाली आमी नदी का जल आज विषैला है। इलाके के पशु पालक अपने पशुओं को नदी में जाने व पानी पीने से रोक रहे हैं नदी का पानी प्रदूषित होकर लाल रंग धारण कर चुका है। नदी के बढ़ते जल स्तर के साथ बस्ती के चीनी मिल का रसायनिक कचरा नदी में छोड़ दिया जा रहा है ।
कई सालों से संतकबीरनगर जिले के उत्तरी भाग में सर्वाधिक सिंचाई और पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने वाली इस नदी से बेलहर जंगल के जानवरों को पीने का पानी मिलता रहा है, वहीं किसानों को सूखे खेतों को भी सिंचाई के लिए पानी मिलता था । मगर नदी के आज के हालात काफी दयनीय है। प्रदूषित पानी पीने से जानवरों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है, मगर प्रशसानिक अधिकारियों का ध्यान तक नहीं है।
Published on:
11 Sept 2017 09:47 pm
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