
1.25 lakh fine for selling fake milk and adulterated ice cream
सतना. चंद पैसों की लालच में लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर मिलावटी खाद्य सामग्री बेचना महंगा साबित हुआ। न्याय निर्णय अधिकारी ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले चार व्यापारियों पर जुर्माना लगाया। व्यापारियों को चेतावनी भी दी दोबारा एेसी गलती नहीं होनी चाहिए।
केस-1
आइसक्रीम निकली अमानक, महेश आइसकैंडी संचालक पर 40 हजार जुर्माना
मैहर की सिंधी कॉलोनी स्थित महेश आइसकैंडी से 5 अप्रेल 2019 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश चौबे ने आइसक्रीम का सैम्पल लेकर जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोशाला भेजे थे। जांच के दौरान आइसक्रीम के नमूने अमानक पाए गए। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने प्रकरण को न्याय निर्णय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया। न्याय निर्णय अधिकारी ने सुनवाई के बाद महेश आइसकैंडी के संचालक अशोक कुमार दरियानी के खिलाफ 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
केस-2
नकली दूध बेचने वाले पर 20 हजार जुर्माना
उचेहरा तहसील के पोड़ी निवासी वीरेंद्र तिवारी पिता राजेंद्र तिवारी फेरीलगाकर सतना में दूध बेचता है। धवारी चौराहे पर 15 मार्च 2019 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीमा पटेल ने वीरेंद्र के दूध का नमूना लिया। जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। जांच के दौरान दूध अमानक मिलने पर खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग ने मामले को न्याय निर्णय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया। न्याय निर्णय अधिकारी ने सुनवाई के बाद दूध विक्रेता वीरेंद्र तिवारी पिता राजेंद्र तिवारी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
केस-3
फ्रोजन डेजर्ट निकला अमानक, संचालक पर लगाया 40 हजार जुर्माना
मैहर के अम्बेडकर नगर स्थित फन एन फ्रोजन से खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेद प्रकाश चौबे ने 8 अप्रैल 19 को फ्रोजन डेजर्ट का सैंपल लिया लेकर जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजा था। जहां, जांच के दौरान नमूना अमानक पाया गया। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मामले को न्याय निर्णय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया। न्याय निर्णय अधिकारी ने फन एन फ्रोजन के संचालक पर 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया।
केस-4
वेस्ट एक्वा पैकेज ड्रिंक वाटर में भी मिली गड़बड़ी, 25 हजार जुर्माना
सतना के संग्राम कॉलोनी में वेस्ट एक्वा पैकेज ड्रिंक वाटर द्वारा पैक ट बंद पानी तैयार किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीमा पटेल ने 5 मई 16 को दबिश देकर पैकट बंद पानी के नमूने लिए। सभी नमूने जांच के लिए भोपाल स्थित प्रयोगशाला भेजे गए। जांच के दौरान पानी अमानक मिला। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मामले को न्याय निर्णय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया। सुनवाई के बाद न्याय निर्णय अधिकारी ने 25 हजार रुपए जुर्माना लगाया।
Updated on:
7 Feb 2020, 12:03 PM IST
Published on:
7 Feb 2020, 12:03 PM IST
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