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एक माह में बनते महज 2 अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस

अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में सतनावासी पीछे

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Suresh Kumar Mishra

Mar 18, 2016

satna news

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सतना।
एक ओर जहां सामान्य ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन कार्यालय में दिन भर आवेदकों की भारी भीड़ लगी रहती है, वहीं जब बात अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस की आती है तो तस्वीर बदली-बदली सी नजर आती है। मतलब यह है कि अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदक ही नजर नहीं आते हैं।


स्थिति यह है कि अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस के लिए महीने में सिर्फ दो से तीन ही आवेदन परिवहन कार्यालय आते हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में सतनावासी काफी पीछे हैं, जबकि छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा आवेदन आते हैं। पिछले साल के मुकाबले इस साल अभी तक अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की बहुत कम संख्या ही परिवहन कार्यालय पहुंची है।


जानकारी के अनुसार पिछले दो माह में पांच से छह आवेदन ही आए हैं, जिससे साफ है कि अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर शहरवासियों में कोई क्रेज नहीं है। हालांकि पिछले साल की बात की जाए तो अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या अच्छी खासी थी। बतौर आंकड़े, औसतन हर माह सात से आठ आवेदन आते थे लेकिन इस साल आवेदनों में तेजी आती नजर नहीं आ रही है।


पासपोर्ट-वीजा अनिवार्य

परिवहन अधिकारियों की मानें तो जो व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करता है, उसे आवेदन के साथ पासपोर्ट और वीजा भी साथ लाना होता है। जब तक दोनों डॉक्यूमेंट वह नहीं देगा, तब तक उसका अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनाया जाएगा। अगर आवेदक पासपोर्ट और वीजा देता है तो उसकी जांच पड़ताल के बाद उसे डीएल जारी कर दिया जाएगा। इस तरह के डीएल के लिए अलग से किताब होती है, जिसमें आवेदक को उतने ही समय के लिए डीएल जारी किया जाता है, जितना कि उसकी वीजा की समयावधि होती है। आवेदक को एक दिन के अंदर ही अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।


बढ़ रही महिलाओं की संख्या

प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं को फ्री लाइसेंस की सुविधा दी गई है। जब से यह सुविधा मिली है तब से ड्राइविंग लाइसेंस के लिए महिला आवेदकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। खास बात यह है कि करीब 80 फीसदी महिलाएं बेहद आसानी से ऑनलाइन टेस्ट भी पास कर रही हैं।


यह बात सही है कि अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए बहुत कम ही आवेदन आते हैं। पिछले दो माह की बात की जाए तो तीन से चार आवेदन ही आए हैं। आवेदक को अपने साथ पासपोर्ट और वीजा साथ लाना अनिवार्य है। जांच पड़ताल के बाद एक दिन में ही अंतरराष्ट्रीय डीएल जारी कर दिया जाता है।

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सूर्यकांत त्रिपाठी, आरटीओ

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