MP: 25 लाख की करेंसी को 50 प्रतिशत में चेंज करवा दो, वरना मार दूंगा गोली
अज्ञात लोगों द्वारा फोन करने से दहशत में युवक, कोलगवां थाना क्षेत्र के संतोष बिहार कालोनी का मामला, थाने से लेकर एसपी तक पीडि़त ने की शिकायत, पुलिस नहीं ले रही रुचि।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नोटबंदी अभियान एक युवक के लिए गले की फांस बन गया। घोषणा के चार दिन बाद से ही युवक के मोबाइल पर अज्ञात नंबरों से फोन आ रहे है। आरोपी 25 लाख की करेंसी 50 प्रतिशत में चेंज करवाने की धमकी दे रहे है। चेंज नहीं करने पर गोली मारने की बात कही जा रही है। दहशत में आए युवक ने कोलगवां थाने में शिकायत की।
लेकिन पुलिस इस मामले में रुचि नहीं दिखा रही है। जबकि शिकायत के बाद भी लगातार उसे खुल्ला कराने की धमकी भरे फोन आ रहे है। थाने में सहायता न मिलने पर पीडि़त ने पुलिस अधीक्षक से मद्द की गुहार लगाई है।
परिवार को मारने की धमकी
पीडि़त प्रमोद कुमार त्रिपाठी पिता प्रेमलाल 35 वर्ष निवासी संतोष बिहार कालोनी बिड़ला रोड़ ने बताया कि 12 नवंबर की रात 10.58 मिनट पर पहली बार 9522963975 से फोन आया। जिसमें सामने वाले व्यक्ति ने कहा 25 लाख खुल्ला चाहिए। पीडि़त के द्वारा पैसे न होने की बात कहने पर उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
मैसेज से भी दी धमकी
पीडि़त ने बताया कि फोन से धमकी मिलने पर उसने आरोपियों को किसान का बेटा होने का हवाला दिया। कहा, मैं खेती बाड़ी कर अपना जीवन बसर करता हूं मेरे पास इतने खुल्ले पैसे नहीं है। अगर आपको खुल्ले चाहिए तो बैंक से सम्पर्क करे। इसके बाद भी उसे फोन में उसी नंबर से मैसेज आ रहे है कि अगर वह खुल्ले नहीं दिया तो उसे व उसके पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।
25 लाख का चेंज नहीं तो 1 लाख नकद दो
फोन में धमकी देने वाले से जब 25 लाख रुपए का खुल्ला न होने की बात कहीं, तो वह एक लाख रुपए नकद की ही मांग करने लगा। लगातार पीडि़त के नंबर पर 9529963975, 9425665845, 9096601790, 7566466282 इन नंबरो से कॉल व मैसेज आ रहे है। जिससे पीडि़त दहशत में है।
थाना पुलिस नहीं ली रुचि
पीडि़त के मोबाइल में लगातार आ रहे फोन व मैसेज से मिलने वाली धमकी से परेशान होकर 20 नवंबर को कोलगवां थाने में जाकर शिकायत की। लेकिन थाना पुलिस ने फोन नंबर को सर्विलांस में चेक नहीं कराया। थाना पुलिस के द्वारा रुचि न लेने पर पीडि़त ने एसपी मिथिलेश शुक्ला को 23 नवंबर को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
मैनें कोलगवां थाने में जाकर शिकायती आवेदन दिया था। जिसकी रिसीविंग मेरे पास मौजूद है। धमकी देने के मामले में पुलिस बयान भी ले चुकी है। लेकिन न एफआईआर दर्ज की गई न ही आरोपियों का फोन ट्रेस किया गया।
प्रमोद कुमार त्रिपाठी, पीडि़त
धमकी देने के मामला मेरी जानकारी में नहीं है और न ही हमे ऐसा कोई आवेदन मिला है। अगर शिकायत मिली तो पीडि़त की मदद की जाएगी।