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सतना रेप केस: आरोपी के शर्मसार परिवार ने घर पर ताला जड़ छोड़ दिया गांव, मुख्यमंत्री ने फोन पर बच्ची से की बात

परसमनिया रेपकांड: वार्ड में ही परिजनों से बतियाई, दूध भी पिया, हालत में सुधार, एम्स से लौटने के बाद ही हो पाएंगे बयान, डीआइजी ने किया मौके का मुआयना

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सतना

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Suresh Mishra

Jul 05, 2018

4 year old rape survivor from satna district admitted to delhi aiims

4 year old rape survivor from satna district admitted to delhi aiims

सतना। चार साल की मासूम से रेप के बाद जिलेवासियों का आक्रोश अभी थमा नहीं है। परसमनिया क्षेत्र में अभी तनाव बरकरार है। आरोपी के शर्मसार परिजनों ने गांव छोड़ दिया। सदस्य अपने घर में ताला लगाकर रिश्तेदार और परिचितों के यहां चले गए। पुलिस भी जांच को आगे बढ़ाने में लगी हुई है। बुधवार को जबलपुर से आए महिला सेल डीआईजी आरके अरुसिया परसमनिया क्षेत्र पहुंचे। वहां उन्होंने परसमनिया चौकी, घटनास्थल व पीडि़त के घर का मुआयना किया।

उचेहरा पुलिस की मानें तो बच्ची के स्वस्थ होकर लौटने के बाद बयान दर्ज किए जाएंगे। उधर, बच्ची के पिता ने पत्रिका को फोन पर बताया कि दिल्ली जाने के बाद से बेटी की तबीयत में सुधार है। वह परिजनों से बात भी कर रही है, बुधवार दोपहर डॉक्टरों की सलाह पर उसे गर्म दूध दिया गया था। दिल्ली में अब तक उसे तीन बोतल चढ़ाई जा चुकी है।

164 के बयान बाकी
मामले में पीडि़ता का बयान महत्वपूर्ण है। उचेहरा थाना प्रभारी राजेश शर्मा ने बताया कि पीडि़ता के दिल्ली से वापस लौटने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। उसके स्वस्थ्य होने के बाद बयान लिया जाएगा। पीडि़ता और उसके माता-पिता के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने बयान होने हैं। पीडि़त परिवार के लौटने पर बयान लेंगे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अगर पीडि़ता बयान देने की स्थिति में नहीं होती है तो उसके माता-पिता के बयान महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

कोई भौतिक साक्ष्य न छूटे
डीआईजी महिला सेल अरुसिया ने मासूम के परिवार से ताल्लुक रखने वाले ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस व फॉरेंसिक अधिकारी से तथ्यों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि घटना से जुड़ा कोई भी भौतिक साक्ष्य छूटने न पाए ताकि आरोपी को कड़ी सजा मिल सके। इस दौरान फॉरेंसिक अधिकारी डॉ. महेंद्र सिंह, थाना प्रभारी राजेश शर्मा व परसमनिया चौकी प्रभारी रावत मौजूद रहे।

स्वस्थ होने के मिले लक्षण
एम्स में ऑपरेशन के बाद मासूम तेजी से रिकवर कर रही है। उसके लक्षणों को देखकर डॉक्टर मान रहे हैं कि स्थिति में तेजी से सुधार है। मासूम के निजी अंगों से रक्तस्राव बंद हो गया है। अब उसने रोना बंद कर दिया है। आइसोलेशन वार्ड में वह शांत दिखी।

मुख्यमंत्री ने किया ट्वीट
बुधवार को नई दिल्ली में नियुक्त मप्र के रेजिडेंट कमिश्नर आशीष श्रीवास्तव एम्स पहुंचे। जहां उन्होंने बच्ची की सेहत देखी और उसके बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से फोन पर बच्ची की बात कराई। बच्ची से बात करने के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया कि मासूम की स्थिति अच्छी है और वो रिकवर कर रही है।

पीड्रियाट्रिक एचओडी कर रहे मॉनीटर
एम्स में पीड्रियाट्रिक विभागाध्यक्ष एम वाजपेयी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन किया है। बच्ची के स्वास्थ्य को लेकर हर पल नजर रखी जा रही है। पीड्रियाट्रिक विभागाध्यक्ष वाजपेयी स्वयं मॉनीटर कर रहे हैं। अलग से मेडिकल स्टॉफ भी तैनात किया गया है, जो हर घंटे बच्ची की रिपोर्ट पहुंचाने में लगा हुआ है।

4 आईएएस की टीम को जिम्मेदारी
मप्र सरकार मासूम के इलाज को गंभीरता से ले रही है। एम्स में भी सतना से डॉक्टर को मॉनीटरिंग के लिए भेजा गया है। चार आइर्एएस की टीम स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। टीम मप्र की ओर से दिल्ली में नियुक्त रेजिडेंट कमिश्नर आशीष श्रीवास्तव के नेतृत्व में काम कर रही है। पीडि़त के परिवार को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इस पर भी ध्यान देने को कहा गया है।

रात के अंधेरे में गायब हो गए परिजन
घटना के तीसरे दिन भी पीडि़ता के गांव सहित पूरे जिले में लोग आक्रोशित रहे। ऐसे में आरोपी महेंद्र सिंह गोड़ का परिवार स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहा था। बताया गया कि मंगलवार को कोर्ट में आरोपी की पेशी के दौरान परिवार भी उचेहरा पहुंचा था। वहां कुछ लोगों ने अभद्रता भी की थी और कमेंट किए। आमजन में गुस्से और बेटे की करतूत से शर्मिंदा परिवार अंधेरे में अपने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां शरण ली। बुधवार सुबह पन्ना गांव के लोगों ने देखा कि आरोपी के घर ताला लटक रहा है। पूरा परिवार चला गया है। पुलिस मामले पर नजर रखे हुए है। पुलिस का कहना है कि हर पक्ष की सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाएगा। आरोपी गिरफ्तार है। कानून के अनुसार कदम उठाएंगे। सुरक्षा मांगेंगे तो परिवार को दी जाएगी।