
420 accused swallowed poison to avoid arrest
सतना. धोखाधड़ी के मामले में फरार चल रहे एक व्यक्ति ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने ही घर में जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। रविवार के तड़के हुई इस घटना के बाद पुलिस सन्न रह गई। आनन फानन युवक को अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार बताया गया है। एसपी रियाज इकबाल के निर्देश पर अब पुलिस आरोपी की निगरानी कर रही है।
यह है मामला
टीआइ थाना नागौद आरपी सिंह ने बताया कि कुछ महीने पहले आरोपी संजय तिवारी पुत्र राम सुन्दर तिवारी निवासी खेरवा टोला नागौद के खिलाफ बाल मुकुन्द विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर आइपीसी की धारा 420, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी लंबित प्रकरण में आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे थे। जब पुलिस टीम आरोपी के घर दबिश देने गई तो आरोपी की पत्नी ने पुलिस से विवाद करते हुए उलझा लिया। इस बीच गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी संजय ने कीटनाशक पदार्थ का सेवन कर लिया। जिसे अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
खुद को व्यवसायी बताया
अस्पताल में भर्ती संजय तिवारी ने खुद को व्यवसायी बताया है। उसका कहना है कि वह बस संचालन करता है। उसने आरोप लगाया है कि डॉ. बाल मुकुन्द विश्वकर्मा ने आठ लाख रुपए देने से बचने के लिए षड्यंत्र के तहत मामला कायम कराया है। इसलिए पुलिस गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी। इसी से आहत होकर उसने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। यह बात भी सामने आई है कि संजय ने एक सुसाइट नोट पुलिस व बाल मुकुन्द के खिलाफ लिखकर छोड़ा है। हालांकि पुलिस उसे उजागर नहीं कर रही है।
ठगी की लंबी लिस्ट
यह जानकारी सामने आई है कि संजय कई लोगों के साथ ठगी कर चुका है। कुछ छात्रों को उसने डिग्री दिलाने के नाम पर उनके परिजनों से रुपए लिए तो कुछ तो बस व्यवसाय में हिस्सेदार बनाने के नाम पर ठग लिया। पन्ना जिले के पुण्य प्रताप सिंह भी एेसे ही एक मामले की शिकायत संजय के खिलाफ दर्ज करा चुके हैं। मैहर कोतवाली में भी शिकायत दर्ज हैं और पूर्व में पुलिस अधीक्षक को भी नागौद इलाके के कई व्यक्ति शिकायत देकर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। बीते एक साल से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कई दफा आवेदन दिए गए। जानकारी मिली है कि 420 का मामला दर्ज होने के बाद आरोपी संजय जमानत लेने के फिराक में रहा। लेकिन जिला कोर्ट से हाइकोर्ट तक उसे जमानत नहीं मिली।
"संजय तिवारी के खिलाफ 420 का मामला दर्ज है। सुबह पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए गई थी। इस बीच आरोपी की पत्नी ने पुलिस को बातों में उलझा लिया और आरोपी ने पुलिस को डराने व गिरफ्तारी से बचने के लिए कीटनाशक का सेवन कर लिया।"
- रवि शंकर पाण्डेय, एसडीओपी, नागौद
Published on:
04 Nov 2019 11:26 am
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