
88 Secretary GRS salaries stopped, one serving terminated
सतना. जिपं सीईओ ऋजु बाफना ने बुधवार को मैहर क्षेत्र का दौरा किया। जनपद कार्यालय में जनपद के अधिकारी-कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। पिपराकला ग्राम पंचायत में चौपाल लगाकर ग्रामीणों से रूबरू हुईं। समीक्षा बैठक में लापरवाह पाए गए 40 सचिवों और 48 जीआरएस की वेतन रोकने के निर्देश दिए। नाकारा तेदुंहटा जीआरएस की सेवा समाप्त करने, झूठ बोलते पाए जाने पर बरही सचिव का 5 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। एपीओ मनरेगा का 5 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए तो बैठक से गायब रहे डीपीएम एनआरएलएम को कारण बताओ नोटिस जारी करने कहा। अन्य 7 से 8 सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। शासकीय कार्य में लापरवाही और रुचि नहीं लेने के मामलों में इस तरह की ताबड़तोड़ कार्रवाई पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अमले में हड़कम्प मच गया है।
जिपं सीईओ बाफना ने जनपद कार्यालय मैहर में ग्राम पंचायत स्तर पर शासकीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान जिन ग्राम पंचायतों में लेबर बजट 20 फीसदी से कम पाया गया ऐसे 40 सचिवों और 48 ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। तेंदुहटा ग्राम पंचायत में ग्राम रोजगार सहायक ने चार माह से कोई काम नहीं किया है। इस पर उसकी सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए। पीएम आवास की समीक्षा के दौरान बरही सचिव ने बताया कि उसने सभी की मजदूरी का भुगतान कर दिया है। इसका परीक्षण करने पर पाया गया कि 17 लोगों की मजदूरी का भुगतान शेष है। झूठी जानकारी देने पर बरही सचिव का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए।
नहीं तैयार की थी जानकारी
समीक्षा में पाया कि एपीओ मनरेगा मैहर ने कोई भी जानकारी सही नहीं बनाई है। उनके पास जानकारी भी अपडेट नहीं थी। इस पर एपीओ का 5 दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए। एनआरएलएम की समीक्षा में पाया गया कि न तो डीपीएम प्रमोद शुक्ला उपस्थित है और न ही उनके कोई प्रतिनिधि मौजूद हैं। इस पर शुक्ला को कारण बताओ नोटिस जारी करने कहा। इस दौरान योजनाओं की कमजोर प्रगति, पीएम आवास के काफी मामले लंबित मिलने पर पोड़ी, तेंदुहटा, तिलौरा, खेरवा सानी, पिपरा कला सहित अन्य पंचायतों के सचिवों व जीआरएस को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
एक माह में पूरे करो आवास
जिपं सीईओ ने पाया कि कई ग्राम पंचायतों में पीएम आवास पूरे नहीं हो सके है। इस पर उन्होंने सभी को सख्त हिदायत दी कि एक माह में सभी आवास का काम पूरा हो जाना चाहिए। अन्यथा सबकी वेतन रोक दी जाएगी। संबंधित अधिकारी कर्मचारी फील्ड में जाएं और काम पूरा करवाएं। जिस उपयंत्री के क्षेत्र में 10 से अधिक लंबित मामले मिलेंगे उनका भी वेतन रोका जाएगा। कहा कि जिन्हें तीसरी किस्त मिल गई है उनके आवास एक माह में तथा जिन्हें दूसरी किस्त मिली है उनका आवास डेढ़ माह में कंपलीट हो जाना चाहिए। अब दफ्तर में बैठकर बहाने बाजी नहीं चलेगी। हमें परिणाम चाहिए। आप सभी लोगों को शासन से इसी बात की सेलरी मिलती है। सीईओ ने कहा कि सभी के बीच कम्युनिकेश गैप नजर आ रहा है यह खत्म करें और काम में ध्यान देना शुरू करें।
डेढ़ किमी पैदल
उन्होंने पिपराकला में स्टाप डैम के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इसके लिए डेढ़ किलोमीटर पैदल चल कर निर्माण स्थल पहुंचीं। पिपरा कला में ग्रामीणों की चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं भी सुनीं। बताया गया कि कई लोगों को जननी का भुगतान नहीं मिला तो संस्थागत प्रसव का भुगतान भी बकाया है। स्कूल में शिक्षकों के समय पर नहीं आने तो कभी कभी स्कूल बंद रहने की भी शिकायत ग्रामीणों ने की। इस पर जिपं सीईओ ने कहा कि अगली बार से बैठक में महिला बाल विकास विभाग के सीडीपीओ, बीईओ, बीआरसीसी और स्वास्थ्य विभाग के बीपीएम भी मौजूद रहेंगे। इसके बाद बरही और वंशीपुर ग्राम पंचायतों का भी भ्रमण किया।
सीएसआर से मदद
स्वसहायता समूहों को मुख्य धारा में लाने के लिए मैहर क्षेत्र की सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन के साथ एसडीएम कार्यालय में जिपं सीईओ ने बैठक ली। इन्हें सीएसआर मद से मदद करके महिलाओं को स्वरोजगार के लिये मदद करने की बात कही। जिस पर निर्णय लिया गया कि इस विषय में विस्तृत बैठक अलग से शीघ्र की जाएगी।
" जल संरक्षण की दृष्टि से ऐसी संरचनाओं के लिए काम करने की दिशा में फोकस किया जा रहा है। संबंधितों को ज्यादा से ज्यादा ऐसे काम प्रारंभ करने कहा गया है। उपयंत्रियों को पूरी मानीटङ्क्षरग करने कहा गया है।"
- ऋजु बाफना, जिपं सीईओ
Published on:
29 Aug 2019 01:30 am

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