
administration investigate for misbrand oil in satna
सतना. शहर में तेल कारोबारियों द्वारा व्यापक पैमाने पर की जा रही अनियमितता की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने बुधवार को एसडीएम रघुराजनगर पीएस त्रिपाठी और खाद्य सुरक्षा के अभिविहित अधिकारी ओम नारायण सिंह को कार्रवाई के निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों ने दल के साथ नवदुर्गा चौक स्थित आलमचंद संजय कुमार फर्म और श्रीसाईं नाथ ट्रेडिंग कंपनी में दबिश दी। बिना डिस्प्ले और छिपे इलाके में संचालित हो रही इस तेल मिल में नजरी तौर पर ही व्यापक पैमाने पर अनियमितता देखने को मिली। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती गई यहां गड़बडिय़ों की फेहरिश्त में इजाफा होता गया। हालात तो यहां तक मिले कि यहां व्यापक पैमाने पर मिस ब्रांडिंग वाला तेल भी पाया गया। यहां कई ब्राण्ड के तेल बनाते पाए गए जिनके पैक्ड और नोजल प्वाइंट से सैम्पल लिए गए। कार्रवाई 12 बजे से 4 बजे तक चली।
जानकारी के अनुसार एसडीएम पीएस त्रिपाठी और ओम नारायण सिंह जब मिल में पहुंचे तो यहां चारों ओर गंदगी का साम्राज्य था। फूड सेफ्टी एक्ट के मापदण्डों का बिल्कुल भी पालन नहीं किया जा रहा था। जहां तहां तेल खुले में रखा गया था और किसी भी तेल में कोई जानकारी नहीं लिखी गई थी कि कौन सा तेल किस ब्रांड का है और कौन सा तेल उपयोगी और कौन सा अनुपयोगी व निस्तारण योग्य है। यहां जो स्थितियां मिली उससे स्पष्ट हो रहा था कि यहां तेल में मिलावट का भी कारोबार किया जा रहा था। हालांकि इसकी स्पष्ट जानकारी सैम्पल रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
फेंकने योग्य तेल रखा मिला : एक ड्रम में काफी घटिया स्तर का पाम तेल पाया गया। इसके बारे में चर्चा रही कि इसे अन्य खाद्य तेलों में मिलाया जाता है। लेकिन मिल संचालक ने बताया कि यह फेंकने के लिये रखा गया है। जब अधिकारियों ने पूछा कि कहां फेंकते हो तो निस्तारण स्थल नहीं बता सका। जबकि फूड सेफ्टी के तहत इसका तय निर्धारण स्थल और तय प्रक्रिया होती है। इसे फूड सेफ्टी एक्ट का घोर उल्लंघन माना गया क्योंकि ड्रम में इसका कहीं उल्लेख भी नहीं था और यह पैक होने वाले स्थल पर रखा पाया गया।
अलग-अलग ब्रांड
यहां एक मिल में अलग-अलग प्रकार के अलग-अलग ब्रांड के तेल बनाने का कारोबार किया जा रहा था। ड्रमों में सरसों तेल, सोया तेल, पाम आयल पाया गया। यहां सूरज ब्रांड का सरसों तेल तथा रसोईभोग नाम से पाम तेल पाया गया। इनकी पैक करने के लिए रखे गए तेल और पैक्ड तेल की सैम्पलिंग की गई। इसके सात ही सोयाबीन तेल की भी इसी प्रकार सैम्पलिंग की गई।
कर्मचारी भी ड्रेस कोड में नहीं
फूड सेफ्टी मापदंडों के तहत तेल मिल में कार्य करने वाले कर्मचारियों को स्वच्छता मापदण्डों का पूरी तरह पालन करना चाहिए। साथ ही उनके परिधान, हेड कैप, ग्लब्स आदि होने चाहिए जो किसी के पास नहीं पाए गए। कर्मचारियों को इसकी जानकारी भी नहीं थी।
सवालों में फूड इंस्पेक्टर
शहरी क्षेत्र में कार्रवाई के लिये तीन फूड इंस्पेक्टर्स को जिम्मेदारी दी गई है जो वेद प्रकाश चौबे के नेतृत्व में कार्रवाई करते हैं, लेकिन सवाल यह खड़ा हो रहा है कि इनके द्वारा इस तरह की कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गईं। जबकि सतना में व्यापक पैमाने पर तेल का खेल हो रहा है। इसकी जानकारी भी समय समय पर फूड इंस्पेक्टरों को दी जाती रही है। चर्चा है कि इस पूरे खेल में जिले भी जितना भी दो नंबर का कारोबार हो रहा है उसमें जिम्मेदार अमले की बड़ी इनायत है अन्यथा यह कार्रवाई काफी पहले हो जानी चाहिए थी।
मिली मिसब्राडिंग
मिल संचालक द्वारा यहां पर व्यापक पैमाने पर दो नंबर का भी काम किया जाना पाया गया। बताया गया है कि सूरज ब्रांड की एक लीटर की बोतल में लेबलिंग नियमों का पालन नहीं किया गया था। न तो इसमें लाइसेंस नंबर लिखा गया था और न ही बैच नंबर। इसी तरह अन्य पैकिंगों में यही स्थिति देखने को मिली।
सैम्पल जाएंगे भोपाल
अभिविहित अधिकारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि सभी सैम्पल भोपाल भेजे जाएंगे। इसके अलावा कार्यस्थल पर फूड सेफ्टी एक्ट का पालन नहीं होने पर धारा ३२ व धारा १२ सहित अन्य धाराओं पर संबंधित मिल संचालकों को नोटिस जारी की जाएगी। इसके साथ ही इस कार्रवाई का प्रतिवेदन कलेक्टर को दिया जाएगा। उन्होंने माना मिल संचालन में व्यापक अनियमितता पाई गई है और मिल संचालक पर कार्यवाही तय है।
Published on:
09 Aug 2018 05:39 pm
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