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13 साल बाद शिवम हत्याकांड के आरोपी गिरफ्तार, अपहरण के बाद की थी हत्या

फिरौती के लिए अपहरण के बाद दिया था वारदात को अंजाम, दोनों आरोपी भेजे गए जेल

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सतना

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Hitendra Sharma

Jan 06, 2021

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सतना. कोलगवां थाना पुलिस ने बहुचर्चित शिवम अपहरण एवं हत्याकांड के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्हें मंगलवार को सीजेएम न्यायालय में पेश कर दिया। वहां से आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। यह वारदात अब से ठीक 13 साल पहले जनवरी 2007 में हुई थी। इसमें सात आरोपी थे, जिनमें दो की गिरफ्तारी अब हो सकी है।

कोलगवां थाना अंतर्गत बांधवगढ़ कॉलोनी के एमआइजी 87 में रहने वाले ट्रैक्टर व्यवसायी का पुत्र क्षितिज उर्फ शिवम क्रिस्तुकुला स्कूल में कक्षा 4 का छात्र था। 29 जनवरी 2007 की शाम करीब सवा 5 बजे वह घर के नजदीकी स्टॉप पर स्कूल बस से उतरा, लेकिन घर नहीं पहुंचा। कुछ देर बाद उसके अगवा हो जाने की खबर घरवालों को मिली। बताते हैं कि अपहरण के कुछ देर बाद घर के लैंडलाइन नंबर पर कॉल कर अपहरण की जानकारी देते हुए 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। हिदायत दी गई थी कि पुलिस को खबर न हो। कहा गया था कि 2 दिन बाद फिर फोन करेंगे।

जंगल में मिला था शव
7 फरवरी 2007 को पुलिस शिवम के परिजनों को लेकर उमरिया जिले के इंदवार थाना गई थी। बताते हैं कि उस थाना क्षेत्र के सेजवाही जंगल में एक बच्चे का शव मिला था, जिसे पहचानना भी मुश्किल था लेकिन बाद में उसकी पहचान शिवम के तौर पर की गई थी।

यह थे आरोपी
अपहरण और हत्या के इस अपराध को लेकर पुलिस ने आइपीसी की धारा 364ए, 302, 201, 34 के तहत डिंपल श्रीवास्तव, स्मोंटी सिंह, विकास सिंह, पुष्पेंद्र सिंह (पिंकू) पुष्पेंद्र सिंह (लाल), नितेश मिश्रा पिंटू एवं संजय तिवारी को आरोपी बनाया था। शहर के मुख्त्यारगंज में रहकर पढऩे वाला डिंपल श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश में नामी बदमाश हो चुका था। शिवम हत्याकांड के बाद 22 मार्च 2007 को इलाहाबाद में उसका पुलिस से आमना-सामना हुआ, जिसमें वह मारा गया था।

कब कैसे कौन गिरफ्तार हुआ
आरोपी स्मोंटी सिंह निवासी अनंतपुर रीवा, विकास सिंह नेहरू निवासी नगर रीवा, पुष्पेंद्र सिंह उर्फ लाल निवासी शहडोल एवं पुष्पेंद्र सिंह उर्फ पिंकू रीवा के रहने वाले हंै। शिवम हत्याकांड में सभी की गिरफ्तारी हो चुकी है। ऐसी चर्चा है कि स्मोंटी सिंह 2007 में ही किसी अन्य प्रकरण में रीवा में गिरफ्तार हुआ उसके बाद इस मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई। विकास सिंह ने कोर्ट में सरेंडर किया। शहडोल का पुष्पेंद्र सिंह किसी डकैती में पकड़ा गया बाद में उसकी भी इस प्रकरण में गिरफ्तारी हुई। पुष्पेंद्र सिंह पिंकू को पुलिस ने रीवा से पकड़ा।

पकडऩे में लगे 13 साल
वर्ष 2007 में हुए इस अपराध के दो आरोपी भले ही 13 साल बाद पकड़े गए हैं, लेकिन इनके पकड़े जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई तेज रफ्तार से हुई। पता चला है कि दोपहर करीब एक बजे मुख्त्यारगंज के स्वामी जी चौक से आरोपी नितेश मिश्रा उर्फ पिंटू पुत्र रामचंद्र मिश्रा (40) एवं संजय तिवारी उर्फ संजू पुत्र बुद्ध सेन तिवारी (44) को पकड़ा गया। उपनिरीक्षक डीआर शर्मा एवं आरपी त्रिपाठी इस कार्रवाई में शामिल रहे। आरोपियों को कुछ घंटे में ही न्यायालय में पेश कर दिया गया। वहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जमानत के लिए लगी अर्जी
सूत्र बताते हैं कि आरोपियों की जमानत के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में आवेदन किया गया था जो खारिज हो गया। अब एडीजे (द्वितीय) के न्यायालय में आवेदन लगाया गया है। आरोपियों को जमानत न दी जाए, इसके लिए फरियादी पक्ष ने भी अर्जी लगाई है। 6 जनवरी को इस पर सुनवाई संभावित है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व में आरोपियों के चालान 90 दिन में पेश हुए थे। अभी गिरफ्तार किए गए आरोपियों का भी फरारी में चालान पेश हुआ था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपनी ओर से पूरक चालान पेश किया है।

सगा रिश्तेदार है आरोपी
आरोपी नितेश मिश्रा उर्फ पिंटू के पिता रामचंद्र मिश्रा इस शहर के नामी वकीलों में गिने जाते रहे हैं। मृतक शिवम के पिता मृदुल मिश्रा उनके सगे भतीजे हैं। शुरू से ही घटना को लेकर इसमें किसी बेहद करीबी के शामिल होने की आशंका जताई जा रही थी। अब मृदुल मिश्रा के सगे ताऊ रामचंद्र मिश्रा के बेटे नितेश को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है। नितेश पर अपने चचेरे भाई के बेटे शिवम के अपहरण और हत्या के अपराध में शामिल होने का संगीन इल्जाम है।