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सतना। जलावर्धन योजना के तहत शहर के हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना शहर के गरीब परिवारों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी महंगी पड़ेगी। अब अमृृत योजना के तहत नए नल कनेक्शन लेने वाले सामान्य परिवारों को हर माह पहले से करीब दो गुना बिल भरना होगा। वहीं इस योजना के तहत नल कनेक्शन लेने वाले गरीब परिवारों को पेयजल के लिए प्रतिमाह 150 रुपए का बिल भरना होगा, जो अभी तक लगने वाली जलकर राशि का 6 गुना होगा।
जलकर की बढ़ी दर शहर के 13 वार्डों के बिल में जनवरी से लागू कर दी है। अमृत योजना का कार्य पूरा होते ही शहर के बाकी 32 वार्डाें में मई से लागू होने की उम्मीद है। गौरतलब है कि निगम इस बढ़ी दर को 2018-19 के बजट में पास कर चुकी है, लेकिन तत्कालीन विरोध के समय कहा गया कि अमृत और जलावर्धन योजना पूरी होने के बाद नई दरें लागू होंगी।
गरीबों को 25 रुपए में मिलता था पानी
नगर निगम की ओर से अभी तक शहर के जल उपभोक्ताओं को तीन श्रेणी में बांटकर उनके अलग-अलग जलकर लिया जाता था। नल कनेक्शनधारी सामान्य परिवारों को 80 रुपए प्रतिमाह तो कॉमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए 300 रुपए प्रति माह जलकर निर्धारित किया गया था। शहर के बीपीएल कनेक्शनधारियों को जलकर में निगम सरकार ने 70 फीसदी की छूट दे रही थी। गरीब परिवारों को पानी के प्रतिमाह सिर्फ 25 रुपए चुकाने पड़ते थे, लेकिन जलकर की नई दरों में गरीब परिवारों के लिए अभी तक छूट का कोई प्रावधान नहीं किया गया। इसलिए अमृत योजना का पानी गरीबों को महंगा पडऩा तय है।
निगम के राजस्व में होगी वृद्धि
जलकर एवं नल कनेक्शन की राशि में वृद्धि से निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। जलकार्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरे शहर में जलकर की नई दर लागू होने से जलकर की राशि में तीन गुना तक वृद्धि की उम्मीद है। इससे निर्बाध जलापूर्ति में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि अभी तक निगम को जलकर से प्रतिवर्ष करीब 7 करोड़ रुपए का राजस्व मिलता था, लेकिन जलावद्र्धन योजना चालू होने से अब निगम को हर साल जलकर के रूप में 20 करोड़ रुपए तक राजस्व मिलने की उम्मीद है।
3 हजार में कनेक्शन
अब नया नल कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को कम से कम 3 हजार रुपए देने होंगे। नगर निगम उपभोक्ताओं को भवन निर्माण क्षेत्र व प्लॉट के क्षेत्रफल के हिसाब से 4 श्रेणियों में बांटा है। उपभोक्ताओं को तीन हजार से 6 हजार रुपए तक कनेक्शन राशि जमा करनी होगी। इसमें एक हजार रुपए सुरक्षा निधि भी शामिल है। अभी तक 1500 रुपए में नल कनेक्शन मिलते थे।
जलावर्धन योजना के तहत अब शहर के जल उपभोक्ताओं को पहले से अधिक जलकर देना होगा। शहर विकास के लिए टैक्स में वृद्धि जरूरी थी। गरीबों के लिए 150 रुपए की राशि अधिक है। इसमें संशोधन कर जलकर में छूट देने के प्रयास किए जाएंगे।
ममता पांडेय, महापौर
आम जनता को 24 घंटे पानी देने की बात कहकर जलकर में 70 रुपए की वृद्धि की थी। लेकिन अभी भी एक घंटे ही पानी मिल रहा। इसलिए जलकर की राशि कम होना चाहिए। नल कनेक्शन के नाम पर मनमानी शुल्क वसूलकर लूटा जा रहा है।
शैलेन्द्र सिंह गुड्डू, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम
जलकर की नई दर परिषद ने पास की है। इसलिए अब इसमें संशोधन की गुंजाइश नहीं हैं। राजस्व नहीं मिलेगा तो बिजली बिल कहां से देंगे।
आरपी सिंह, एसडीओ जलकार्य
Published on:
03 Mar 2019 02:01 pm
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