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मदीना भवन में स्थापित किया गया अन्नपूर्णा देवी का अस्थि कलश, हिंदू रीति रिवाज से हुआ पूरा कार्यक्रम

मैहर घराने की बेटी व पद्म विभूषण थीं अन्नपूर्णा देवी, ब्राह्मण भोज के बाद विधि विधान से कार्यक्रम सम्पन्न

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सतना

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Suresh Mishra

Oct 29, 2018

Annapurna Devi asthi kalash Installed in maihar Medina bhawan

Annapurna Devi asthi kalash Installed in maihar Medina bhawan

सतना। मैहर घराने की बेटी व पद्म विभूषण अन्नपूर्णा देवी के अस्थि कलश को रविवार को मदीना भवन में स्थापित किया गया। इसी स्थान पर उनके पिता व गुरु बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खान की समाधि है। भतीजे राजेश अली खां ने सादे कार्यक्रम में विधि-विधान से अस्थि कलश स्थापित किया। इससे पूर्व हिंदू रीति रिवाज से ब्राह्मण भोज भी कराया गया। बताया गया कि अन्नपूर्णा देवी ने हिंदू से विवाह किया था। लिहाजा, हिंदू रीति रिवाज के तहत कार्यक्रम आयोजित किए गए।

13 अक्टूबर को मुम्बई निधन
उल्लेखनीय है कि अन्नपूर्णा देवी का निधन गत 13 अक्टूबर को मुम्बई में हो गया था। वो ९१ वर्ष की थीं, विगत दस साल से उनकी तबीयत खराब चल रही थी। निधन के बाद ही परिजनों ने स्पष्ट कर दिया था कि बाबा की समाधि के पास ही अन्नपूर्णा देवी के अस्थि कलश को स्थापित किया जाएगा। उनके भतीजे राजेश अली खान 26 अक्टूबर को अस्थि कलश लेकर मैहर पहुंचे थे, जिसे रविवार को विधि विधान से स्थापित किया गया।

पंडित रविशंकर से हुआ था विवाह
अन्नपूर्ण देवी का जन्म 1927 में मैहर घराने के संस्थापक बाबा उस्ताद अलाउद्दीन खान व मदिना बेगम के घर हुआ था। उनका विवाह पंडित रविशंकर से हुआ था। उनसे एक बेटा शुभेंद्र शंकर थे। उनकी अमेरिका में सड़क हादसे में 1992 में मौत हो गई थी। पंडित रविशंकर से तलाक होने के बाद अन्नपूर्ण देवी ने कंसल्टेंट रूषी कुमार पांडेय से विवाह किया था। उनका निधन वर्ष 2013 में हो गया था।