6 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एक बोरी में मिले पत्थर, दूसरी से निकला युवती का शव, देखिए शातिर अपराधी की करामात

बकिया बराज पहुंचे डीआइजी: फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग

2 min read
Google source verification

सतना

image

Suresh Mishra

Jul 09, 2018

Bakiya Baraj Dam murder case news in hindi

Bakiya Baraj Dam murder case news in hindi

सतना। बकिया बराज बांध से लगे पुल के पास बोरी में बंद शव मिलने की खबर पाते ही डीआईजी रीवा रेंज अविनाश शर्मा रविवार की दोपहर घटना स्थल पर पहुंचे। उनके साथ पुलिस अधीक्षक संतोष गौर, एएसपी आरएस प्रजापति, प्रभारी डीएसपी मुख्यालय वीडी पाण्डेय भी रहे। कोटर टीआई एमएल वर्मा ने अब तक की कार्रवाई से अधिकारियों को अवगत कराया।

बोरी में बंद मिले शव का स्थल देखने के बाद पुलिस को टीम बनाकर बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। ताकि पहले मृतका की पहचान हो और फिर उसके हत्यारे तक पहुंचने की कार्रवाई हो। डीआईजी के निरीक्षण से पहले सीन ऑफ क्राइम यूनिट से फॉरेंसिक अधिकारी डॉ. महेन्द्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे।

मामला हत्या का

उन्होंने बताया कि एक बोरी में शव और दूसरी बोरी में पत्थर भरे मिले। हत्या करने वाले ने एेसा इसलिए किया ताकि शव बांध के पानी में ऊपर नहीं आ सके। मामला हत्या का है और जांच के बाद आशंका है कि घटना स्थल भी वही है जहां शव मिला। डॉ. सिंह का कहना है कि बोरी से बरामद पत्थर ठीक वैसे ही हैं जैसे बांध के किनारे पर पत्थर पड़े थे।

मृतका के गले में बंधा एक रुमाल

मृतका के गले में बंधा एक रुमाल भी मिला है। शव परीक्षण के बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा है। जहां से मेडिकल कॉलेज रीवा के लिए रवाना कर दिया गया। गौरतलब है कि शनिवार को गोलहटा सरपंच विष्णु प्रसाद मिश्रा की सूचना पर पुलिस ने बांध के किनारे से बोरी में बंद शव बरामद किया था।

अनुभवी अधिकारी को बुलाया
मामले में फॉरेंसिक अधिकारी डॉ. महेन्द्र सिंह की टीम की जांच के बाद पुलिस अधिकरियों ने सेवानिवृत्त वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. जेएस यादव को बुलाया। ताकि सीनियर डॉक्टर अनुभव के आधार पर कुछ और तथ्य बता सकें। उन्होंने घटना स्थल पर शव परीक्षण करते हुए अपना निष्कर्ष दिया है। डॉ. यादव का कहना है कि शव दो महीने से ज्यादा पुराना है। अधिक समय तक पानी में रहने से चमड़ी स्पंज की तरह हो चुकी है।