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वचन पत्र की राह पर कमलनाथ सरकार, बरगी नहर पूरा करने टनल की जगह अब ओपन कैनाल बनाएगी कांग्रेस!

नर्मदा घाटी विकास मंत्री ने स्लीमनाबाद टनल का किया मुआयना

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सतना

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Suresh Mishra

Feb 16, 2019

bargi tunnel kya hai sleemanabad tunnel news in hindi

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सतना। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के तहत बरगी दायीं तट नहर में निर्माणाधीन स्लीमनाबाद टनल की जगह प्रोजेक्ट को पूरा करने कांग्रेस ओपन कैनाल बना सकती है। कांग्रेस के वचन पत्र में शामिल इस प्रोजेक्ट को लेकर नर्मदा घाटी विकास मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने शुक्रवार को स्लिमनाबाद टनल का मुआयना किया। उनके साथ एनवीडीए के मुख्य अभियंता कैलाश चौबे मौजूद रहे। निरीक्षण में मंत्री के सामने प्रोजेक्ट को शीघ्र पूरा करने वैकल्पिक उपाय के तौर पर टनल को बाइपास कर ओपन कैनाल का सुझाव रखा गया।

इस संबंध में बताया गया कि अगर इसे लागू किया जाता है तो यह काम 36 माह में पूरा हो जाएगा जबकि टनल के काम को पूरा होने में 80 माह (7 साल) लग जाएंगे। इस मामले पर मंत्री ने इस प्रोजेक्ट के सभी वैकल्पिक उपाय खोजने के साथ 18 से 22 फरवरी के बीच भोपाल में इस संबंध में विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों और प्रोजेक्ट के अधिकारियों के साथ बैठक का निर्णय लिया है।

वचन पत्र का अहम हिस्सा
विधानसभा चुनाव 2018 में नागौद विधानसभा के लिए सभी दलों के मुख्य मुद्दे में शामिल रही बरगी नहर कांग्रेस के वचन पत्र का अहम हिस्सा है। कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में कहा है कि एनवीडीए द्वारा बनाई जा रही बरगी दायीं तट नहर के निर्माण में तेजी लाएंगे और भाजपा सरकार में स्लिमनाबाद के पास तीन वर्ष में बनने वाली सुरंग का जो काम 8 साल से चालू है उसकी जांच कराकर पूरा कराया जाएगा। इस परिप्रेक्ष्य में नर्मदा घाटी मंत्री सुरेन्द्र सिंह बघेल ने शुक्रवार को स्लिमनाबाद पहुंच कर टनल के निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्हें बताया गया कि इस टनल को दो टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) से दोनों ओर से खोदा जा रहा है।

पूरा होने में 80 माह और लगेंगे
पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि अगर इसी गति से काम चलता रहा तो भी टनल को पूरा होने में 80 माह और लगेंगे। सात साल और समय लगने की बात पर मंत्री ने कहा कि सीएम की मंशा है कि यह वृहद परियोजना शीघ्र पूरी हो और कार्य में तेजी लाई जाए। जिस पर उन्होंने वैकल्पिक उपाय के संबंध में भी चर्चा की। जिस पर बताया गया कि स्लिमनाबाद टनल को बायपास करके अगल ओपन कैनाल पर काम किया जाता है तो यह प्रोजेक्ट 36 माह में पूरा हो जाएगा। बताया गया कि टनल के काम में अंदर काफी चट्टानें हैं और खुदाई की गति काफी धीमी है।

राजधानी की बैठक में अंतिम निर्णय
मंत्री ने ओपन कैनाल के 36 माह में पूरे होने के वैकल्पिक उपाय को सुनने के बाद यहां मौजूद तकनीकि अमले से कहा कि टनल के जितने भी वैकल्पिक उपाय हो सकते हैं सभी तलाशें जाएं। इसके बाद इस संबंध में भोपाल में 18 से 22 फरवरी के बीच बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें विभागीय वरिष्ठ अधिकारी और प्रोजेक्ट के अधिकारी मौजूद रहेंगे। यहां इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

फूली ठेका कंपनी की सांस
मंत्री ने जब स्लिमनाबाद टनल के वैकल्पिक उपाय खोजने की बात कही तो ठेका कंपनी मे. पटेल एसइडब्लू संयुक्त उपक्रम हैदराबाद के प्रोजेक्ट मैनेजर की सांस फूल गई। उन्होंने कहा कि यहां उनकी 400 करोड़ रुपये की मशीन लगी है और 25 करोड़ पेनाल्टी भी भर चुके हैं। वे हर हाल में इस प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे क्योंकि इसमें उनकी इमेज भी जुड़ी हुई है भले ही इसमें घाटा लगे।

यह है स्थिति
निरीक्षण के वक्त मंत्री को बताया गया कि इस निर्माणाधीन टनल में कुल खुदाई 11.93 किमी होनी है। इसमें से 7.8 किमी खुदाई का काम शेष है। इसका आंतरिक ब्यास 9.20 मीटर है। जिसमें 2.42 घनमीटर प्रति सेकेण्ड की स्पीड से प्रवाह होगा। टनल की खुदाई स्लिमनाबाद मुहाने (डाउन स्ट्रीम) और खिरहनी मुहाने (अप स्ट्रीम) दोनों ओर से हो रही है। अप स्ट्रीम की ओर 970.4 मीटर (टीबीएम सहित 1602.75 मीटर) तथा डाउन स्ट्रीम की ओर 2500.22 मीटर टीबीएम सहित खुदाई हो चुकी है। अभी 7846.09 मीटर का काम शेष है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 799 करोड़ है जिसमें से अभी तक 320 करोड़ का काम हो चुका है। बताया गया कि वर्तमान गति से अगर खुदाई होती है तो कुल 80 माह और लगेंगे टनल को पूरा होने में।