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झोलाछाप चिकित्सक ने हाइड्रोसिल पीडि़त का किया ऑपरेशन, मरीज की मौत

दर्द होने पर कहा, आधा पाव देशी शराब पिला दो
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सतना

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Anil Singh Kushwaha

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Updated: 11 Nov 2018, 10:48 PM IST

bitter truth of government doctors

पगार ले रहे सरकारी, बाहर भी चला रहे दुकानदारी

सतना. झोलाछाप चिकित्सकों के गलत इलाज से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अपंजीकृत चिकित्सक ने हाइड्रोसिल पीडि़त का उसके ही घर में ऑपरेशन कर दिया। जिसके बाद पीडि़त को तेज दर्द होने लगा। कराहने की आवाज सुन पड़ोस में रहने वाले पीडि़त के घर पहुंचे। झोलाछाप डाक्टर को पीडि़त की तकलीफ बतायी तो उसने कहा, ज्यादा दर्द हो रहा है तो आधा या एक पाव देशी शराब बुलाकर पिला दो। दर्द बिल्कुल ठीक हो जाएगा। दरअसल उचेहरा के ददरी गांव निवासी बाबू लाल कोल पिता गिरधारी कोल ४० हाइड्रोसिल बीमारी से पीडित था। बीते कुछ दिनों से तकलीफ ज्यादा हो रही थी। परिजनों ने आरोप लगाया, कोठी निवासी अपंजीकृत चिकित्सक गांव के नजदीक बांधी मोहार में इलाज करने आता है।

झोलाछाप ले रहे मरीजों की जान
जहां वह बाबू लाल का भी इलाज करता था। झोलाछाप शनिवार को पीडि़त के ददरी गांव स्थित घर इलाज कराने पहुंचा। जहां उसने आनन-फानन में पीडि़त का ऑपरेशन कर दिया। जिसके बाद स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट होने लगी। पड़ोस में रहने वाले जसवंत सिंह ने संबंधित चिकित्सक को फोन पर शिकायत दर्ज करायी की पीडि़त की तबियत बिगड़ रही है। अंपजीकृत चिकित्सक ने कहा, मै पन्ना जा रहा हूं, लौट नहीं पाउंगा। ज्यादा दर्द हो रहा है तो पीडित को आधा पाव देशी शराब पिला दो। चिंता करने की कोई बात नहीं है लेकिन शनिवार शाम बाबू लाल ने दम तोड़ दिया।

ढ़ाई माह में गलत इलाज ६ की मौत
अपंजीकृत चिकित्सको के गलत इलाज से हर साल पीडि़तों की मौत हो रही है। अभी बीते तीन माह में गलत इलाज से आधा दर्जन मरीज दम तोड़ चुके हैं। दो मामलों की तो परिजनों द्वारा पुलिस में अपंजीकृत चिकित्सकों द्वारा गलत इलाज की शिकायत दर्ज करायी गयी। लेकिन जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार मिलीभगत के चलते मौन साधे हुए हैं। किसी के खिलाफ कार्रवाई तो दूर निरीक्षण तक की हिम्मत नहीं जुटा पाए हैं।