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प्रशासन की लापरवाही से अतिक्रमण हटाने की हुई सिर्फ खानापूर्ति, मूकदर्शक बनी रही पुलिस

रूई मंडी: कार्रवाई में बाधक बने पुलिस अधिकारी
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सतना

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Anil Singh Kushwaha

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Updated: 11 Nov 2018, 7:34 PM IST

Only the Khanapuri, the mute policeman being removed from encroachment

Only the Khanapuri, the mute policeman being removed from encroachment

सतना. शहर के व्यस्ततम व अव्यवस्थित यातायात के लिए कुख्यात स्टेशन रोड अतिक्रमण हटाने के नाम पर कमाई का धंधा बन गया है। यहां जब भी कार्रवाई होती है तो लाव-लश्कर काफी लंबा-चौड़ा होता है पर पूरी कार्रवाई कभी नहीं होती। यही स्थिति शनिवार की शाम स्टेशन रोड पर देखी गई। कहने को निगम और पुलिस का भारी दल पार्किंग में अवैध कब्जा जमा कर बैठे रूई कारोबारियों तक पहुंचा। १५ मिनट तक खूब हील हुज्जत की गई।

डीएसपी ने दिया सख्त निर्देश
जब उन्हें हटाने और सामग्री जब्ती की बारी आई तो वहां मौजूद ट्रैफिक डीएसपी अखिलेश तिवारी ने निगम दस्ते को आगे बढ़ाने के निर्देश देते हुए सभी को समेट कर आगे ले गए। इसके बाद दिखावे के लिए कुछ दुकानों के सामने रखे समान लूटमार वाले तरीके से जब्त किया गया। यहां मौजूद लोगों ने कहा कि आखिर तय मान्य तरीके से जब्ती और दंड की कार्रवाई न तो पुलिस न ही निगम ने क्यों नहीं की?

कार्रवाई के लिए भारी संख्या पुलिस बल तैनात
स्टेशन रोड पर पन्नीलाल चौक तिराहे पर स्थित पार्किंग के बगल में स्थित अवैध रूई मंडी पर कार्रवाई के लिए लगभग ५ बजे निगम और पुलिस का भारी दस्ता पहुंचा। निगम के अतिक्रमण दस्ता प्रभारी रमाकांत शुक्ला सहित पुलिस से ट्रैफिक डीएसपी अखिलेश तिवारी और दो दर्जन के लगभग महिला और पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद रहे। निगम की जेसीबी, ट्रक सहित दो दर्जन निगम का अमला भी मौजूद रहा। लेकिन मंडी से 50 मीटर दूर ट्रक खड़ा करनिगम के अतिक्रमण दस्ता प्रभारी रूई कारोबारियों के पास पहुंचे तो वहां मौजूद महिलाओं ने बवाल खड़ा कर दिया। लेकिन यहां खड़ी महिला पुलिस तमाशबीन बनी दूर खड़े देखती रही।

घटना पर मौजूद रहे लोग
न तो उन्होंने उन महिलाओं को अलग करने की कोशिश की न ही निगम के अमले को कार्यवाही में कोई मदद दी। ट्रैफिक डीएसपी तिवारी भी सड़क के किनारे से घटना क्रम का नजारा लेते दिखे। १५ मिनट की तू-तू मैं-मैं के बाद जब रमाकांत शुक्ला ने सामान जब्ती के लिए ट्रक बुलवाया तो अचानक डीएसपी साहब सक्रिय हुए और निगम दस्ते के बाद आकर बोले कि यहां छोडिय़े आगे चलिये। और इसके बाद यहां बिना कोई कार्रवाई किये पूरा दस्ता आगे बढ़ गया।

फिर शुरू हुई लूटमार
रूई मंडी की अधूरी कार्रवाई छोड़ जब दस्ता आगे बढ़ा तो यहां दुकानों के सामने रखे समानों को लूटमार वाले अंदाज में फेंक कर ट्रक में रखना शुरू कर दिया। न तो किसी पर कोई चालानी कार्रवाई की गई न ही किसी पर कोई दण्ड अधिरोपित किया गया और न ही किसी को समान जब्ती की रसीद दी गई। पूरा नजारा ऐसा नजर आ रहा था मानों अराजक तत्व यहां लूटमार कर रहे हैं। यही वजह रही कि कुछ स्थानों पर दल को विरोध का सामना भी करना पड़ा।

नहीं है किसी को रुचि
अतिक्रमण से परेशान लोगों ने बताया कि हकीकत में अतिक्रमण हटाने में रुचि न तो निगम के दस्ते की है और न ही ट्रैफिक पुलिस की। वरना शुरुआत तो एमएलबी के सामने से होनी थी। जहां पूरी पटरी पर अवैध कब्जा करके तमाम कारोबारी बैठे हैं। इसके बाद पूरी अवैध रूई मंडी खाली करानी थी और बाधा पैदा करने वालों पर कार्रवाई करनी थी। लेकिन यहां भी खानापूर्ति ही की गई। यही नजारा आगे भी देखने को मिला। नतीजा यह था कि दल के जाने के बाद स्थिति पूर्ववत हो चुकी थी।