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सतना कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, दो भाइयों को अंतिम सांस तक कारावास

युवक की हत्या कर सबूत मिटाने के मामले में सत्र न्यायालय ने सुनाई सजा  

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satna district court

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सतना. युवक की हत्या कर सबूत मिटाने वाले दो सगे भाइयों को सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार सोनी की अदालत ने अंतिम सांस तक कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों को 30-30 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। अर्थदंड की राशि जमा होने पर मृतक के वारिसों को समान भाग में 30 हजार रुपए देने के आदेश दिए हैं। आभियोजन की ओर से लोक अभियोजक रमेश मिश्रा ने पैरवी की।

यह था मामला
लोक अभियोजक मिश्रा ने बताया कि 3 जुलाई 13 को ग्राम तिवनी में रेलवे लाइन पर एक व्यक्ति की लाश मिलने की सूचना पुलिस थाना रामपुर बाघेलान को मिली। सूचना मिलने के बाद पहुंची पुलिस को चंद्रभान सिंह ने बताया कि उसका बेटा कल्लू उर्फ कमलेंद्र सिंह २ जुलाई की शाम 4 बजे घर से निकला था। रात भर नहीं लौटा। तुर्की साइडिंग पर पड़ी लाश के कपड़े देख पिता अपने बेटे को पहचान गया। लाश में ट्रेन से कटने के जैसे निशान नहीं थे। पिता और पुलिस को संदेह हुआ कि हत्या कर लाश रेलवे की पटरी पर फेंककर दुर्घटना बनाने की कोशिश की गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। संदेह होने पर अभियुक्त अनिल उर्फ सिंटू को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। अभियुक्त ने अपने घर के अंदर भाई अशोक सिंह के साथ मिलकर डंडे से पीटकर और गला दबाकर कल्लू की हत्या करना स्वीकार किया। यह भी स्वीकार किया कि हत्या के बाद लाश को रेलवे लाइन के पास फेंक दिया था।

हत्या के बाद मिटा दिए थे सबूत
युवक की हत्या करने के बाद किसी को शक न हो, इसलिए दोनों भाइयों ने सबूत मिटा दिए थे। हत्या की वारदात को हादसे का रूप देने लाश को रेलवे लाइन पर फेंक दिया था। जिस प्लास्टिक की बोरी में लाश को भरकर रेलवे ट्रैक तक ले गए थे, उसे जला दिया था। मृत युवक की चप्पल भी जला दी थी। पुलिस ने प्लास्टिक की बोरी, चप्पल के जले हुए टुकड़े बरामद किए थे। लाश ले जाते समय जिन कपड़ों में खून लग गया था, उन्हें भी अभियुक्तों ने छिपा दिया था। दीवार और फर्श पर लगे खून के निशान भी पानी से धुल दिए थे। पुलिस ने अभियुक्त की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त बांस का पुराना डंडा, लोहे की गैती, एक अंत: वस्त्र जब्त किए थे।


बहन की मौत का बदला
मृत युवक और अभियुक्तों के घर आमने-सामने हंै। अभियुक्तों ने पुलिस की पूछताछ में स्वीकार किया कि हत्या की वारदात के दो साल पहले उनकी बहन ने कल्लू के कारण आत्महत्या कर ली थी। अभियुक्त तभी से कल्लू से रंजिश मानते थे। वारदात के समय कल्लू उनके घर में टीवी देख रहा था, तभी दोनों भाइयों ने लाठी से पीटकर और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। मृत युवक के मुंह पर कालिख पोतने के बाद लाश को रेलवे लाइन के पास फेंक दिया था।


अदालत में जुर्म साबित
विचारण के दौरान अभियुक्त अनिल सिंह उर्फ सिंटू पिता स्व. नवल किशोर सिंह पटेल और अशोक सिंह उर्फ गुड्डू पिता स्व. नवल किशोर सिंह पटेल दोनों निवासी ग्राम तिवनी थाना रामपुर बाघेलान के खिलाफ जुर्म प्रमाणित होना पाया। कोर्ट ने दोनों को भादवि की धारा 302 सहपठित धारा 34 के तहत आजीवन सश्रम कारावास (जीवन पर्यंत), 25-25 हजार रुपए जुर्माना, धारा 201 के तहत पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपए जुर्माना लगाया।