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एनीकट के गेट बंद करने में निगम प्रशासन से हुई बड़ी चूक, पानी को तरस जाएगी जनता

एनीकट खाली देखकर बोलीं महापौर गेट बंद क्यों नहीं कराया

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एनीकट खाली देखकर बोलीं महापौर गेट बंद क्यों नहीं कराया

एनीकट खाली देखकर बोलीं महापौर गेट बंद क्यों नहीं कराया

सतना. मानसून की वापसी हो चुकी है। नदियों का जल बहाव कम हो रहा है। लेकिन, अभी तक निगम प्रशासन ने एनीकट के गेट बंद नहीं कराए हैं। बुधवार की सुबह एनीकट देखने सतना नदी पहुंचीं महापौर एनीकट डैम खाली देखकर भड़क गईं। अधिकारियों से पूछा कि पूरा पानी बह गया, अभी तक गेट बंद क्यों नहीं कराए गए? इस पर अधिकारियों ने सफाई दी कि नदी में बहाव अधिक होने से गेट बंद नहीं कराए गए थे। दीपावली के बाद बंद करा दिए जाएंगे। जलकार्य विभाग के अधिकारियों की इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए महापौर ने जलकार्य प्रभारी आरपी ङ्क्षसह को एनीकट में प्लेट लगाकर चार मीटर तक बाधने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नदी में पानी का बहाव कम हो गया है। एनीकट के गेट बंद न होने के कारण इसमें मात्र डेढ़ मीटर पानी बचा है। यदि गेट बंद कराने में देरी से यह नहीं भरा तो कौन जिम्मेदार होगा? उन्होंने एनीकट में लगी मोटरों का निरीक्षण कर पानी सप्लाई की जानकारी ली। कर्मचारियों ने बताया कि सभी मोटर चल रही हैं।
बीते साल सितंबर में बंद कर दिए थे गेट

बीते चार साल से कमजोर मानसून व कम बारिश के कारण सितंबर में ही टमस नदी की धार टूट जाती थी। मजबूरी में निगम प्रशासन को सितंबर में ही एनीकट के सभी गेट बंद करने पड़ते थे। इस वर्ष सितंबर में हुई तेज बारिश के कारण टमस में अभी भी पानी का बहाव जारी है। एनीकट ओवरफ्लो न हो इसलिए, इसलिए अभी तक सभी गेट बंद नहीं किए गए हैं।

हकीकत
जलभराव क्षेत्र 4 मीटर

एनीकट में पानी 1.50 मीटर
जलभराव की स्थित 2.50 मीटर खाली

शहर के लिए जलापूर्ति 35 एमएलडी प्रतिदिन
पानी की उपलब्धता 75 दिन