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BIG NEWS: सतना में जेल प्रहरियों का तांडव, कलेक्टर ने बनाई जांच टीम

एसडीएम ने किया मौका मुआयना, दोनों पक्षों से की पूछताछ, जेल प्रहरियों सहित बस्ती वालों के बयान दर्ज    

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satna central jail

satna central jail

सतना. जेल प्रहरियों और बस्ती वालों के बीच चल रहे विवाद का मामला राजधानी तक पहुंच गया है। इस मामले को अब कलेक्टर ने गंभीरता से लेते हुए एसडीएम रघुराजनगर पीएस त्रिपाठी के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है। रविवार को एसडीएम ने मौका मुआयना करने के बाद जेल प्रहरियों सहित बस्ती वालों के बयान दर्ज किए हैं।

नागरिकों से की थी मारपीट
जानकारी के अनुसार विगत दिवस जेल प्रहरियों ने केन्द्रीय जेल के पीछे स्थित बस्ती में जाकर आम नागरिकों के साथ जमकर मारपीट की थी और लगातार तीन दिनों तक तांडव मचाया था। मामले में कोलगवां थाने में प्रहरियों के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। उधर कलेक्टर द्वारा जांच टीम गठित होने के बाद एसडीएम रविवार को मौका मुआयना करने पहुंचे। घटना स्थल देखने के बाद उन्होंने पहले तीन जेल प्रहरियों के बयान दर्ज किए हैं। उसके बाद बस्ती पहुंच तक 3 पीडि़त पक्ष और 3 स्वतंत्र साक्ष्यों के बयान दर्ज किए हैं। रविवार को कुल 9 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। आवश्यकता पडऩे पर आगे और भी लोगों के बयान दर्ज किए जा सकते हैं।


खुद को बताया पाक साफ
जानकारी के अनुसार पुलिस कर्मियों ने इस मामले में खुद को पाक साफ बताते हुए कहा है कि बस्ती वालों की ओर से जो समय विवाद का बताया गया है उस वक्त वे जेल में थे। उधर बस्ती वालों में पीडि़त पक्ष ने पूरा घटना क्रम दर्ज कराया है। इसी तरह से स्वतंत्र साक्ष्य ने भी माना है कि जेल प्रहरियों ने आकर तांडव किया है और बस्ती वालों के साथ मारपीट की है। बताया गया है कि एसडीएम जब बस्ती में बयान लेने गये हैं तो वहां के हर आदमी इस घटना की पुष्टि कर रहे हैं। यह अलग है कि घटना के समय को लेकर अंतर आ रहा है। घटना लगभग 11 बजे होनी बताई जा रही है। इस मामले में बस्ती वालों का कहना है कि पुलिस अपने से घटना का समय गलत लिख लिया है। हालांकि जांच में बस्ती वालों का पक्ष ज्यादा मजबूत पाया जा रहा है।


यह है मामला
बस्ती वालों की माने तो मुकेश गौतम के बच्चे 15 अगस्त को जेल परिसर स्थित वैष्णों मंदिर घूमने गए थे। जहां जेल प्रहरी संजय सिंह ने बेटे को गालियां दी और बदसलूकी की। इसकी जानकारी मिलने पर जेल से ही रिटायर बच्चों के दादा जब प्रहरी को समझाने पहुंचे तो प्रहरी उनसे भी उग्र हो गया। इसके बाद अगले दिन संजय अपने साथियों के साथ बस्ती में पहुंच कर तांडव मचाया और लोगों के साथ मारपीट की। इसके अगले दिन फिर आधा दर्जन जेल प्रहरी बर्दी में पहुंचे और मारपीट की। और मोबाइल में घटना रिकार्ड कर रहे युवक को भी मारा और मोबाइल तोड़ दिया।


नौ लोगों के बयान
एसडीएम रघुराजनगर पीएस त्रिपाठी ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर जांच की जा रही है। जांच गोपनीय है। लिहाजा इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जो भी निष्कर्ष होगा कलेक्टर को प्रतिवेदन दिया जाएगा। 9 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं।