
bisra janch kya hai postmortem report kitne din mein aata hai
धीरेंद्र गुप्ता@सतना। राज्य न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला सागर में बिसरा जांच के लिए भेजे जाने वाले प्रदर्श पर रोक लगा दी गई है। अब बिसरा जांच के लिए छह जिलों की पुलिस को क्षेत्रीय न्यायिक प्रयोगशाला ग्वालियर जाना होगा। सागर में लंबित प्रकरणों की संख्या को देखते हुए एडीजी तकनीकी सेवा डीसी सागर ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
सूत्रों के अनुसार, राज्य न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला सागर की टॉक्सीकोलॉजी शाखा में बिसरा जांच के लंबित प्रकरणों की संख्या एक हजार से अधिक हो चुकी है। इसलिए लंबित प्रकरणों की संख्या को देखते हुए प्रदेश के पांच जिले टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, जबलपुर, सतना, रीवा के बिसरा टॉक्सीकोलॉजी से संबंधित प्रकरण 7 जनवरी के बाद से क्षेत्रीय न्यायिक प्रयोगशाला ग्वालियर भेजे जांएगे।
प्रदेश में पांच प्रयोगशाला
प्रदेश में पांच न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला भोपाल, इंदौर, सागर, जबलपुर, ग्वालियर में हैं। जबकि रीवा में प्रस्तावित प्रयोगशाला शुरू नहीं हो सकी। टीकमगढ़, पन्ना, छतरपुर, जबलपुर, सतना, रीवा जिले के लिए बिसरा परीक्षण का सबसे नजदीकी केंद्र सागर ही है। जबलपुर में यह सुविधा शुरू नहीं की जा सकी। इसलिए अब बिसरा परीक्षण के लिए ग्वालियर जाना पड़ेगा।
अलग-अलग दौड़ेगी पुलिस
किसी व्यक्ति की संदिग्ध हालातों में मृत्यु के बाद बिसरा परीक्षण के जरिए मृत्यु का कारण जानने का प्रयास किया जाता है। ज्यादातर मामलों में बिसरा रिपोर्ट से ही मृत्यु का कारण स्पष्ट हो जाता है। जबकि कुछ प्रकरणों में बिसरा के साथ रक्त परीक्षण, कैरोसिन परीक्षण, डीएनए के प्रदर्श एक साथ जांच के लिए भेजने होते हैं। अब तक सभी प्रदर्श एकसाथ सागर भेजे जाते थे। अब सिर्फ बिसरा परीक्षण के लिए ग्वालियर जाना पड़ेगा। ऐसे में छह जिलों की पुलिस को एक ही प्रकरण में दो जगहों पर लंबी दौड़ लगाना पड़ेगी।
आधा सैकड़ा केस सतना में
अकेले सतना जिले में हर महीने बिसरा परीक्षण के करीब 50 केस सीन ऑफ क्राइम यूनिट में पहुंचते हैं। इनमें करीब 20 प्रकरण ऐसे होते हैं, जिसमें बिसरा के साथ अन्य जांचें भी विज्ञान प्रयोगशाला से कराना होती है। यही हाल बाकी जिलों का भी है। एडीजी के निर्देश के बाद अब बिसरा के प्रदर्श ग्वालियर भेजने की तैयारी है। इसमें विवेचकों और थाना स्टाफ की मुश्किल बढ़ेगी।
विज्ञान प्रयोगशाला सागर में बिसरा जांच के लिए भेजे जाने वाले प्रकरणों की संख्या अधिक होने से कई प्रकरण लंबित हैं। ऐसे में एडीजी तकनीकी सेवा ने आदेश दिए हैं कि अब बिसरा जांच के लिए प्रदर्श ग्वालियर भेजे जाएं।
डॉ. महेन्द्र सिंह, वैज्ञानिक अधिकारी
Published on:
14 Jan 2019 12:05 pm
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