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MP: BJP जिलाध्यक्ष ने की DEO के तबादले की मांग, वर्ग विशेष के प्रति दुराग्रह का आरोप

मंत्री ने आयुक्त को सौंपी जांच, पत्र के सार्वजनिक होते ही विभाग में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।

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सतना

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Suresh Mishra

May 28, 2018

BJP District President demanded transfer of Satna DEO

BJP District President demanded transfer of Satna DEO

सतना। चुनावी वर्ष में अभी से अधिकारियों की जमावट का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र त्रिपाठी ने जिला शिक्षाधिकारी बीएस देशलहरा के तबादले की मांग स्कूल शिक्षा मंत्री से की है। मंत्री ने भी जिलाध्यक्ष के पत्र पर सक्रियता दिखाते हुए आयुक्त लोक शिक्षण को जांच के निर्देश दिए हैं।

शिक्षा महकमे में इस पत्र को डीइओ कार्यालय में चल रही खेमेबाजी का नतीजा बताया जा रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह को भाजपा जिलाध्यक्ष ने पत्र लिखा है उसमें भाषा राजनीतिक कम प्रशासनिक ज्यादा नजर आ रही है।

लिहाजा, विभाग भी इस बात को मान रहा कि इसके पीछे विभागीय असंतुष्टों का हाथ है। बहरहाल लेटर हेड में जो दो पन्ने की 5 आरोपों वाली शिकायत भेजी गई है उसमें युक्तियुक्तकरण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। पत्र के सार्वजनिक होते ही विभाग में चर्चा का बाजार गर्म हो गया है।

ये लिखा गया पत्र में
मंत्री को लिखे पत्र में बताया गया कि पूरे प्रदेश में युक्तियुक्तकरण की प्रकिया हो गई। इकलौते सतना में डीइओ की हठधर्मिता के चलते नहीं हो सकी है। जिले में 200 से ज्यादा प्राथमिक और 100 से ज्यादा माध्यमिक शालाएं तथा 50 हाइस्कूल और हायर सेकंडरी विद्यालय हैं जहां शिक्षक नहीं हैं। नगरीय क्षेत्र में हजार से ज्यादा शिक्षक अतिशेष हैं।

दूसरा आरोप
दूसरा आरोप वर्ग विशेष के प्रति दुराग्रह रखने का बताया गया है। इसमें लिपिक संजय गर्ग के निलंबन बहाली और पदस्थापना पर जानकारी देते हुए कहा गया कि उनका डीइओ कार्यालय में पदांकन नहीं होने दिया गया। इसकी तुलना विपिन खरादी के तबादले और पदस्थापना से की गई है। और इसे नियम विरुद्ध बताया गया है। अगला आरोप लिपिक आलोक नामदेव और अमित सिंह की डीइओ कार्यालय में पदस्थापना का लगाया गया है। कहा गया कि 20 एवं 7 वर्ष से पदस्थ होने के बाद भी इन्हें डीइओ कार्यालय में रखा गया है।

4 निजी विद्यालयों की मान्यता को लेकर आरोप
आरोप 4 निजी विद्यालयों की मान्यता को लेकर है। सरस्वती शिशु मंदिर सहित अन्य शालाओं की मान्यता जारी करने सहित इससे जुड़े अन्य मुद्दों पर अनैतिक मांगों की बात कही गई है। अंतिम आरोप में भृत्य जयप्रकाश मिश्रा के तबादले का उल्लेख किया गया है। कहा गया कि कर्मचारी संघ का पदाधिकारी होने के कारण अन्य तबादले का प्रावधान नहीं होने के बाद भी कर दिया गया। इन आरोपों का हवाला देते हुए डीइओ के निलंबन सहित अन्य अधिकारी की पदस्थापना की बात कही गई है।

आयुक्त को गई जांच
मंत्री को मिली इस शिकायत पर मंत्री के विशेष सहायक केके खरे की ओर से आयुक्त लोक शिक्षण को इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा गया है। अब जांच के बाद क्या फैसला लिया जाता है आने वाला वक्त की बताएगा। हालांकि चुनावी वर्ष में अभी से अधिकारियों की जमावट का दौर शुरू हो गया है।