
विनय ने सांसद-विधायकों से वन-टू-वन लिया फीडबैक
सतना. भाजपा के प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे बुधवार को सतना पहुंचे। उन्होंने सांसदों-विधायकों से वन टू वन चर्चा में रीवा संभाग की तीन लोकसभा सीटों का फीडबैक लिया। विंध्य में भाजपा को विधानसभा चुनाव में प्रदेश के अन्य हिस्सों के मुकाबले अच्छी सफालता मिली, इसलिए पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। इसलिए टिकट बंटवारे से पहले विनय सहस्त्रबुद्धे ने सांसद, विधायकों और पदाधिकारियों का मन टटोला। सीधी और रीवा संसदीय क्षेत्र में कुछ विधायकों ने वर्तमान सांसद को टिकट न देने की सिफारिश की। बैठक में सहस्त्रबुद्धे ने साफ किया कि इस बार बूथ स्तर तक संघ का दखल रहेगा। पिछले दिनों इंदौर व ग्वालियर में संघ की बैठकों तय किया कि संघ के पदाधिकारी भी चुनाव में सक्रिय रहेंंगे और निर्णयों में उनसे भी पूछा जाएगा। भाजपा कार्यालय पहुंचे सहस्त्रबुद्धे ने सबसे पहले रीवा संभाग के जिलेवार सांसद और विधायकों से मुलाकात की। पहले सीधी उसके बाद रीवा और अंत में सतना के सांसद-विधायकों से सहस्त्रबुद्धे ने अकेले में मुलाकात की। इस दौरान पूर्व विधायक सतना शंकरलाल तिवारी और सुरेन्द्र सिंह ने भी मुलाकात की। वनटूवन के बाद सहस्त्रबुद्धे ने हर जिले के नेताओं से सामूहिक चर्चा भी की। उन्होंने पहले ही साफ कर दिया कि वे रायशुमारी के लिए नहीं आए हैं। इस पर कुछ सदस्यों में असंतोष भी देखने को मिला।
ये विधायक नहीं आए
विधायक नारायण त्रिपाठी और जुगुलकिशोर बागरी बाहर होने के कारण नहीं पहुंच सके। बाहर होने ेसे गिरीश गौतम एवं पंचूलाल प्रजापति भी शामिल नहीं हुए।
चर्चा के दौरान असंतोष, दिए सुझाव
बंद कमरे में वन-टू-वन मुलाकात के बाद किसी भी नेता ने बाहर कोई सार्वजनिक चर्चा नहीं की। सभी ने बताया कि लोकसभा चुनाव के हालातों और चुनौतियों पर उन्होंने सभी की राय जानी है। इसके बाद उन्होंने प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों से बात की। रीवा के सदस्यों की बैठक में कुछ असंतोष चर्चा के दौरान आना बताया गया तो कुछ ने बेहतरी के सुझाव भी दिए। सभी को सुनने के बाद सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि जो भी है जैसा है उसे यथोचित जगह पर बताया जाएगा। रीवा की बैठक में उन्होंने विधायकों से समस्याएं पूछी और चुनाव किस प्रकार जीता जा सकता है इसके बारे में रायशुमारी की। विधायकों से उन्होंने पूछा कि आपके क्षेत्र में क्या ठीक रहेगा। जिस पर विधायकों ने पार्टी और समन्वय की बात उठाई। संगठन को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मौजूद विधायकों ने जानकारी दी कि लोकसभा की टिकट को लेकर इस बीच कोई चर्चा नहीं हुई। बूथ कैसे मजबूत हो और पार्टी एवं संगठन में समन्वय बैठाने पर ही चर्चा सीमित रही। प्रदेश प्रभारी ने विधायक नागेन्द्र ङ्क्षसह एवं दिव्यराज सिंह से अलग से चर्चा की। इसके बाद उन्होंने सामूहिक रूप से बूथ लेवल की तैयारी पर सभी की राय जानी। सांसद जनार्दन मिश्रा ने अलग से कोई बात नहीं रखी। इस दौरान उन्होंने केन्द्र सरकार की योजनाओं जैसे उज्जवला आदि एवं देश भक्ति से जुड़े अभियान, सर्जिकल स्ट्राइक आदि को बूथ स्तर पर लोगों को बताने के लिए जिलाध्यक्षों एवं विधायकों को निर्देश दिया। कहा कि योजनाओं का बूथ स्तर तक अधिक से अधिक प्रचार-प्रचार होना चाहिए।
जिला पदाधिकारियों को दिया संदेश
सहस्त्रबुद्धे ने अंत में जिला पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अच्छी मेहनत की और रीवा संभाग में प्रदर्शन अच्छा रहा। यह बधाई योग्य है और आगे भी किसी तरह की ढिलाई नहीं करनी है। लोकसभा चुनाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह चुनाव देश का चुनाव है। सबकी नजरें इस पर हैं। यह याद रखना है कि हम कार्यकताओं का प्रत्याशी कमल का फूल है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिये काम करना है। यह चुनाव भाजपा के कार्यकर्ता का है, मोदी के कार्यकर्ता का है, शाह के कार्यकर्ता का है।
बैठक में ये रहे मौजूद
सतना सांसद गणेश सिंह, अमरपाटन विधायक रामखेलावन पटेल, रामपुर बाघेलान विधायक विक्रम सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र त्रिपाठी प्रदेश कार्यसमिति सदस्यों में प्रभाकर सिंह, रामदास मिश्रा, पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह, गगनेंद्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, अंजू सिंह, प्रह्लाद कुशवाहा, नवनीत लटोरिया, चंद्रकमल त्रिपाठी। सीधी सांसद रीति पाठक, सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला, सिंगरौली विधायक रामलल्लू वैश्य, चुरहट विधायक शरदेंदु तिवारी, रीवा से सांसद जनार्दन मिश्र, पूर्व मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह, प्रदीप पटेल, गुढ़ विधायक नागेन्द्र सिंह, त्योंथर विधायक श्यामलाल द्विवेदी, सेमरिया विधायक केपी त्रिपाठी, संभागीय संगठन मंत्री जितेन्द्र लिटोरिया, जिलाध्यक्ष विद्याप्रकाश श्रीवास्तव प्रमुख रूप से मौजूद थे।
Published on:
14 Mar 2019 06:33 pm
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