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PM awas: टेस्टिंग में फेल ईंटों से तन रहे गरीबों के आशियाने, निर्धारित मानकों की हो रही अनदेखी

गुणवत्ता दरकिनार: आईएचएसडीपी के बाद प्रधानमंत्री आवास में मनमानी

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सतना

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Suresh Mishra

Dec 28, 2017

Bypassing quality in satna Prime minister housing scheme

Bypassing quality in satna Prime minister housing scheme

सतना। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उतैली में बने रहे गरीबों के आशियाने में गुणवत्ता को दरकिनार कर दिया गया है। निर्माणाधीन मकानों में घटिया ईंट उपयोग की जा रही है। ननि के इंजीनियर भी जांच के बाद इनकी गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कई बार इनकी खेप वापस कर चुके हैं।

लेकिन, जिम्मेदार मनमानी से बाज नहीं आ रहे। सूत्रों की मानें तो अफसरों की सख्ती के बावजूद निर्माण एजेंसी गुणवत्ताहीन ईंट की कई खेप आवास निर्माण में खपा चुकी है।

मकानों की दुर्गति किसी से छिपी नहीं

इसी इलाके में आईएचएसडीपी योजना के तहत बनाए गए मकानों की दुर्गति किसी से छिपी नहीं है। हितग्राहियों को आवंटित होने से पहले ही ये मकान खंडहर हो चले हैं। दीवारें दरक गईं है। पिलर भी झुक गए हैं। दरवाजे बंद करने में डर लगता है कि कहीं बाहर न आएं। बावजूद इसके अधिकारी अनजान बेपरवाह हैं। निर्माण कंपनी सरकार द्वारा जारी बजट का बंदरबांट करने में तुली हुई है।

उतैली, कृपालपुर में बन रहे आवास
सबको आवास उपलब्ध कराने की मंशा पर काम करते हुए नगर निगम द्वारा उतैली और कृपालपुर में तकरीबन डेढ़ हजार मकान बनाए जा रहे हैं। लेकिन, निर्माण कंपनी की मनमानी सरकार की मंशा पर पानी फेर सकती है।

मानकों की अनदेखी

आवास निर्माण का जिम्मा इंदौर की कल्याण टोल इंफ्रस्ट्रक्चर लिमिटेड को सौंपा गया है। यह कंपनी शहर में 188 करोड़ 35 लाख की लागत से 2446 ईडब्ल्यूएस, 246 एलआईजी, 120 एमआईजी मकान बनाएगी। हालांकि शुरुआती दौर से ही निर्माण के लिए निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है।

हर बार पकड़े गए लाट
निगम इंजीनियरों के मुताबिक, जितनी बार ईंटों की जांच की गई, गुणवत्ता पर खरे नहीं उतरे। कई बार लाट ही वापस किया गया। हाल ही में निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने भी कृपालपुर में आवासों के निर्माण कार्य का जायजा लिया था।

तीन निगरानी दल, फिर भी मनमानी
निर्माण कार्य की निगरानी निजी कंसल्टेंसी के अलावा पीडीएमसी व निगम प्रशासन कर रहा है। फिर भी निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जा रहे है। सूत्रों की मानें तो गुणवत्ताविहीन ईंट का उपयोग सिर्फ प्रधानमंत्री आवास में ही नहीं, बल्कि आईएचएसडीपी योजना के तहत बनाए गए मकानों में भी किया जा रहा है। यही वजह है कि ये मकान आवंटन से पहले ही खंडहर हो गए।

मत भूलो मैहर हादसा
लगभग डेढ़ वर्ष पहले मैहर में हाउसिंग बोर्ड द्वारा बनाई गई बहुमंजिला इमारत ढहने से फुटबाल प्लयेर बबलू मार्टिन की मौत हो गई थी। हादसे में कई लोग घायल भी हुए थे। इसके निर्माण में भी इसी प्रकार के मानकों की अनदेखी का आरोप था। लेकिन, जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया था। इसका खामियाजा लोगों को जान देकर भुगतना पड़ा। बाद में कुछ अफसरों पर गाज गिरी, लेकिन निगम के अफसर इससे भी सीख लेने को तैयार नहीं हैं।