
Students boycott classes in satna
सतना। जिले के करसरा उमावि के विद्यार्थियों ने बुधवार को कक्षाओं का बहिष्कार कर स्कूल में तालाबंदी कर दी। स्कूल परिसर में अराजक तत्वों द्वारा शराबखोरी करने और परिसर में ही शराब की बोतलें फेंकने से आक्रोशित छात्रों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर बाउंड्री और गेट नहीं बनाया जाता है तो गणतंत्र दिवस के अवसर पर विद्यालय में ध्वजारोहण नहीं करेंगे।
दरअसल, जिला मुख्यालय से लगभग 30 किमी दूर रघुराजनगर तहसील अंतर्गत करसरा स्थित सरकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाकारा प्रशासनिक व्यवस्था का दंश झेल रहा है। विद्यालय की सरकारी जमीन पर स्थानीय दबंग संतोष उरमलिया ने अपना कब्जा जमा रखा है।
स्कूल की जमीन पर अपना अधिपत्य
सरकारी खर्चे पर जो बाउंड्री बनी थी, वह भी इनके द्वारा गिरा दी गई। स्कूल की जमीन पर अपना अधिपत्य बताते हुए गेट तक नहीं बनने दे रहा है। यह स्थिति तब है जब न्यायालय द्वारा भी वह इस जमीन पर अपने कब्जे का मामला हार चुका है। न्यायालय ने इस भूखण्ड को स्कूल की जमीन बताया है।
मांगों को लेकर छात्रों ने की नारेबाजी
स्कूल परिसर में शराबखोरी से अजिज आए स्कूल के विद्यार्थियों ने बुधवार को बाउंड्री बनवाने की मांग को लेकर कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। सभी विद्यार्थी कक्षाओं के बाहर आकर अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। इस दौरान विद्यालय के कार्यालय में भी ताला लगा दिया।
छात्रों ने यह भी घोषणा की
विद्यार्थियों के पक्ष में ग्रामीण भी हैं। उनकी भी मांग है कि जिला प्रशासन अतिक्रमण हटाए। छात्रों ने यह भी घोषणा की है कि यदि बाउंड्री नहीं बनाई जाती है तो 26 जनवरी को स्कूल में वे झण्डा नहीं फहराएंगे। मामले में प्राचार्य कैलाश कुमार मिश्रा ने कहा कि तहसीलदार और कलेक्टर को लिखित में जानकारी दी जा चुकी है। लेकिन अभी वहां से सीमांकन आदि प्रक्रिया नहीं हुई है।
न तहसीलदार पहुंचे न कलेक्टर ने ध्यान दिया
ऐसा नहीं है कि स्कूल प्रबंधन इस मामले में गंभीर नहीं है। न्यायालय का फैसला स्कूल के पक्ष में आने के बाद अतिक्रमण हटाने और जमीन का सीमांकन करने के लिए तहसीलदार रघुराजनगर सहित कलेक्टर को सूचित भी किया गया। लेकिन न तो तहसीलदार पहुंचे और न ही कलेक्टर ने स्कूल के आवेदन को गंभीरता से लिया। नतीजा यह है कि यहां आज तक बाउण्ड्री नहीं बन सकी है। जब भी काम शुरू करवाने का प्रयास किया जाता है तो अतिक्रामक द्वारा यहां काम बंद करवा दिया जाता है।
स्कूल परिसर में टकराते हैं जाम
बाउंड्री न होने और बस स्टैंड के ठीक बगल में स्कूल होने से इस परिसर में अराजक तत्वों द्वारा शाम ढलते ही शराबखोरी शुरू कर दी जाती है। शराब की बोतलें भी यहीं फेंक दी जाती हैं। इससे विद्यालय का माहौल दूषित बना हुआ है। इतना ही नहीं विद्यालय परिसर में स्थित हैंडपंप पर भी दिन भर बाहरी लोग नहाने कपड़े धोने का काम करते हैं। इससे विद्यालय के बच्चों को पेयजल में भी असुविधा होती है।
पशु औषधालय में भी कब्जा
प्रशासनिक अनदेखी के कारण अतिक्रामक के हौसले बुलंद हैं। उसके द्वारा पशु औषधालय की जमीन और भवन में कब्जा किया गया है। यहां कब्जा कर उसके द्वारा दुकान संचालित की जा रही है। आरोप है कि इस मामले में सरपंच द्वारा भी बैक डोर से समर्थन दिया जा रहा है।
Published on:
28 Dec 2017 11:45 am
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