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बड़ा खुलासा: सतना जिले में तेजी से पांव पसार रही यह बीमारी

जिला अस्पताल में 65 पीडि़तों की हुई जांच, 24 में मिले लक्षण

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health camp

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सतना. जिले में कैंसर तेजी से पांव पसार रहा है। यह खुलासा सोमवार को जिला अस्पताल में लगाए गए शिविर में हुआ है। शिविर में दो दर्जन नए रोगी कैंसर के चिह्नित किए गए। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जांच के बाद सभी रोगियों में कैंसर की संभावना जताई है। कैंसर पीडि़तों की तेजी से बढ़ती संख्या ने स्वास्थ्य महकमे के माथे पर चिंता की लकीर खींच दी है। पीडि़तों की बढ़ती संख्या के चलते स्वास्थ्य महकमा सीएचसी स्तर पर भी शिविर लगाने की प्लॉनिंग कर रहा है।

शहरी क्षेत्र में बढ़ रहा ग्राफ
कीमोथेरेपी विभाग के प्रभारी डॉ. आलोक खन्ना ने बताया कि जिला अस्पताल ओपीडी में विश्व कैंसर दिवस के मौके पर जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कु ल 65 रोगियों की जांच की गई। 24 रोगियों में कैंसर के लक्षण मिले। चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि शहरी इलाके में पीडि़तों के ग्राफ में तेजी से इजाफा हो रहा है। सभी को रीवा, जबलपुर मेडिकल कॉलेज में जांच कराने का परामर्श दिया गया है। सभी की जांच के बाद ही मर्ज की पुष्टि होगी।

सतना के 70 फीसदी पीडि़त
डॉ. खन्ना ने बताया, शिविर में जिन रोगियों को कैंसर होने की संभावना जतायी गई है उनमें 70 फीसदी पीडि़त सतना शहरी क्षेत्र के हैं। जबकि इसके पहले लगाए गए शिविर में भी दो दर्जन कैंसर रोगी सामने आए थे। उनमें कैंसर संभावित में ग्रामीण अंचल के पीडि़त सबसे अधिक थे।

डॉक्टरों को नहीं मिलती दवा सूची
जिला अस्पताल के दवा स्टोर में मनमानी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। चिकित्सकों को दवाइयों की सूची तक नहीं दी जाती है। ऐसे में चिकित्सक एेसी दवाइयां लिख देते हैं जो उपलब्ध नहीं होती। अंतत: रोगियों को मजबूरी में बाजार से दवा खरीदीनी पड़ती है। ओपीडी में बैठने वाले चिकित्सकों ने अस्पताल प्रबंधन को भी स्टोर की लापरवाही की जानकारी दी है। बताया है कि न तोदवा सूची दी जाती और न ही समाप्त होने वाली दवाइयों की जानकारी। इसके बाद भी प्रबंधन मौन बना है।

पर्चा लिए खड़े रहते हैं मरीज
दवा सूची उपलब्ध नहीं होने पर ओपीडी आने वाले रोगियों के पर्चे पर चिकित्सक एेसी दवा लिख देते हैं जो स्टोर सहित औषधि वितरण काउंटर पर उपलब्ध ही नहीं होती है। मरीज पर्चा लिए लम्बी कतार में खड़े रहते हैं। जब उनका नंबर आता है तो बताया जाता है कि दवा उपलब्ध नहीं है। लापरवाही के चलते रोजाना बड़ी संख्या में रोगी दवा के चक्कर में भटकते रहते हैं।

एलईडी सिस्टम फेल
संचालनालय स्वास्थ्य सेवा ने दवा वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए एलईडी में भी उपलब्धता प्रदर्शित करने निर्देशित किया है। ताकि रोगियों को भी उपलब्ध दवाइयों की जानकारी हो सके। लेकिन एलईडी से दवा की सूची गायब है।