
NCL's 74 employees found absenteeism, instruction to suspend
सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिला अंतर्गत एनसीएल जयंत परियोजना में पदस्थ एक सीनियर मैनेजर को सीबीआई की टीम ने 10 हजार की रिश्वत लेते हुए दबोचा है। सीबीआई एसपी पीके पाण्डेय के मुताबिक उक्त रकम मैनेजर ने सिविल ठेकेदार केपी पाण्डेय से मांगे थे। केपी पाण्डेय से रिपेयरिंग का काम कराया था। जिसका भुगतान करीब डेढ़ लाख रुपए बकाया था।
भुगतान करने के एवज में सीनियर मैनेजर ने 15 हजार रुपए बतौर रिश्वत की मांग की। पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपए के साथ केपी को कार्यालय के बाहर बुलाया था। उसी दौरान सीबीआई निरीक्षक अमित द्विवेदी, निरीक्षक आरपी सिंह, एसआई अमित सेहरावत, जे डामले की टीम ने दबोच लिया। सीबीआई शैलेन्द्र पसारी पर आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
ये है मामला
मिली जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की टीम ने शनिवार रात 10.30 बजे सिंगरौली में एनसीएल के सीनियर मैनेजर शैलेंद्र पसारी को 10 हजार की रिश्वत लेते दबोचा है। इसके बाद उसके घर की तलाशी ली गई तो आय से अधिक संपत्ति मिली। घर की सर्चिंग में 30 लाख रुपए नकद, 60 लाख रुपए के म्यूच्यूअल फंड में निवेश संबंधी दस्ताबेज और भारी मात्रा में जेवर आदि जब्त किए है। एसपी पाण्डेय ने अपील की है कि केन्द्रीय संस्थाओं में अगर कोई रिश्वत मांगता है तो मामले की शिकायत तुरंत सीबीआई को करें। तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
दूसरी कहानी यह भी
सूत्रों की मानें तो जबलपुर सीबीआई टीम को कहीं से जानकारी मिली थी कि शैलेन्द्र पसारी आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त हैं। इसके बाद सीबीआई ने पसारी के ऑफिस और आवास पर एक साथ छापा मारा है। अभी भी छापेमार कार्रवाई चल रही है। बताया जा रहा है कि अभी और रकम का खुलासा हो सकता हैं। शैलेन्द्र पसारी से भी पूछताछ की जा रही है। पसारी भी कुछ खुलासा कर सकते हैं।
Published on:
09 Sept 2018 12:39 pm
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