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MP: सतना में बनेगी सेंट्रल पैथोलॉजी लैब, दोपहर तक लिए जाएंगे सेंपल

सतना सहित प्रदेश के 15 जिलों के मरीजों को मिलेगी राहत

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सतना

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Suresh Mishra

Jan 11, 2018

Central Pathology Lab to be built in Satna

Central Pathology Lab to be built in Satna

सतना। चिकित्सीय सुविधाओं को विस्तार देने की कवायद लगातार जारी है। इसी तारतम्य में सतना सहित प्रदेश के 15 जिलों में सेंट्रल पैथोलॉजी लैब स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। लैब स्थापित होने के बाद जांच का दायरा बढ़ जाएगा। सेम्पल लेने के समयावधि में भी वृद्धि हो जाएगी।

वर्तमान में 11 बजे तक नैदानिक केंद्र में सेम्पल लिए जाते हैं किंतु सेंट्रल पैथोलॉजी लैब बन जाने के बाद दोपहर दो बजे तक सेम्पल लिए जा सकेंगे। जरूरत पडऩे पर जांच के लिए सेम्पल मेडिकल कॉलेज जबलपुर भी भेजे जा सकेंगे।

दरअसल, प्रदेश की 15 जिला अस्पतालों में जांच की गुणवत्ता सुधारने व मरीजों की सुविधा के लिए सेंट्रल पैथोलॉजी लैब स्थापित किया जाना है। पहले चरण में सतना, रीवा, भोपाल, जबलपुर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन सहित 15 जिला अस्पतालों में सेंट्रल पैथोलॉजी लैब बनाने की तैयारी है। इसके लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की क्वॉलिटी सेल ने सभी जिलों से सहमति पत्र भेजने को कहा है। ताकि लैब बनाने का काम शुरू हो सके।

संसाधनों की जरूरत
- लैब के लिए एक बड़ा हाल या दो से तीन कमरे होना चाहिए।
- इन कमरों में पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी व बायोकेमेस्ट्री लैब बनाई जाएगी।
- सेम्पल कलेक्शन एरिया में महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे।
- लैब से संबंधित सभी उपकरण सेंट्रल पैथोलॉजी लैब में ही रखे जाएंगे।
- सेम्पल लेने के लिए 3 या इससे अधिक लोगों को लगाया जाएगा ताकि लंबी कतार न लगे। इसी तरह से जांच के लिए कर्मचारियों की न्यूनतम संख्या तय कर दी गई है।

मरीजों को मिलेगा लाभ
- सभी जांचें एक जगह होंगी, मरीजों की सुविधा के लिए सेम्पल कलेक्शन अलग-अलग जगह होंगे।
- सेम्पल कलेक्शन ओपीडी टाइम पर सुबह 9-2 बजे तक होगा, सेम्पल एक बार लिया जाएगा।
- सुबह 9-12 बजे तक लिए गए सेम्पल की रिपोर्ट दोपहर एक बजे देनी होगी। 12-1 बजे तक लिए गए नमूनों की रिपोर्ट दोपहर 2 बजे तक देना होगी।
- एसएनसीयू में भर्ती बच्चों की जांच सुबह 9 से 5 बजे तक की जाएगी।
- गर्भवती महिलाओं की जांच रिपोर्ट दोपहर 12.30 से 1 बजे के बीच देनी होगा।
- जांच रिपोर्ट कम्प्यूटर से मिलेगी। इससे डॉक्टरों को पढऩे में आसानी होगी।
- गंभीर मरीजों की रिपोर्ट परिजन या मरीज को रिपोर्ट आते ही मोबाइल पर भी बता दी जाएगी।