
changemaker campaign: Changemakers kaun log hote hai
सतना। स्वच्छ राजनीति समय की जरूरत है। केवल चर्चा करते हुए आरोप-प्रत्यारोप लगा हम नैतिक जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते, बल्कि सभी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। चुने हुए जनप्रतिनिधि के साथ-साथ आम व्यक्ति को अपने वोट की कीमत समझनी होगी। यह वो ताकत है, जो देश की दशा व दिशा बदल सकती है।
यह बात पत्रिका चेंजमेकर मुहिम के तहत आयोजित बैठक में बदलाव के नायकों ने कही। बैठक में चेंजमेकर्स और वॉलंटियर्स ने लोकसभा क्षेत्र का हाल, क्षेत्र के मुद्दे, उम्मीदवार और चुनाव से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चाकी। अलग-अलग मत होने के बाद भी राजनीति स्वच्छ होने को लेकर सभी एक मत थे।
ये मुद्दे उठे
- राजनीति स्वच्छ करने के लिए बदलाव की जरूरत
- अच्छे व्यक्ति को राजनीति में आना चाहिए
- शिक्षित, योग्य व ईमानदार व्यक्ति को राजनीति में प्रेरित करना चाहिए।
- भ्रष्टाचारी व दागी को वोट कभी नहीं देना चाहिए।
- युवाओं को आगे आने की जरूरत।
- आधी आबादी को मिले आधा हक।
- तत्कालीन लाभ को नजरअंदाज करना चाहिए।
- चुनाव में बड़े मुद्दों से पहले स्थानीय मुद्दों को महत्व देना चाहिए।
- जाति-धर्म से इतर विकास के मुद्दे पर मतदान होना चाहिए।
- चुने हुए प्रतिनिधि की जिम्मेदारी तय होना चाहिए।
जागरूकता की कमी
लोग अपना मत बिना सोचे-समझे दे देते हैं। राजनेता तरह-तरह के प्रलोभन देकर मत हासिल कर लेते हैं। यह जागरूकता की कमी है। उन्हें अपने वोट की कीमत समझाना होगा कि सोच-विचार के बाद वोट सही व्यक्ति को दें। इससे राजनीति में बदलाव आएगा और स्वच्छ होगी।
कुलदीप सक्सेना
राजनीति में जातिवाद हावी है। लोग वोट का प्रयोग विकास व व्यक्ति की योग्यता के आधार पर नहीं करते हैं। बड़े पैमाने पर लोग जाति-धर्म के आधार पर वोट कर देते हैं। यहीं चूक होती है। राजनेता एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाकर मुद्दे से ध्यान भटका देते हैं।
सौरभ त्रिपाठी
राजनीति में भाषण एक कला है। अक्सर अच्छा व्यक्ति अपनी बात जनता तक पहुंचा ही नहीं पाता है। छलावा वाले नेता लोक-लुभावनी बातकर जनता को ठग लेते हैं। लिहाजा, राजनीति में आने वाले हर अच्छे व्यक्ति को बोलना भी सीखना चाहिए, ताकि जनता तक उनकी बात पहुंच सके।
विजय देवसेना
जनप्रतिनिधि व दल युवाओं का उपयोग केवल राजनीति चमकाने के लिए कर रहे हैं। बाइक रैली निकालने व भीड़ एकत्रित करने तक युवाओं की जरूरत रह गई है। उनकी बेरोजगारी व शिक्षा पर कोई बात नहीं करता। राजनीति में भी युवाओं के नाम पर नेताओं के बेटों को मौका मिलता है।
आशुतोष गुप्ता
नारी शक्ति की हक की बात केवल जुमला साबित होती है। मुख्यधारा पर लाने, राजनीति में मौका देने की बात होती है लेकिन जब समय आता है, तो राजनीतिक पार्टियां सांकेतिक रूप से एक-दो महिलाओं को टिकट देकर जिम्मेदारी से भाग खड़ी होती हैं। जबकि राजनीति को स्वच्छ करने में महिलाओं की भूमिका हो सकती है।
प्रिया मिश्रा
भारतीय राजनीति का शुद्धिकरण होना बहुत आवश्यक है। राजनीति में ईमानदार और सेवाभाव से युवा वर्ग आएगा तो ही व्यवसायीकरण पर रोक लगेगी। लोकतंत्र मजबूत करने और देश के लिए राजनीति में बदलाव बेहद जरूरत है। यह अभियान चलाकर पत्रिका ने लोकतंत्र में चौथे स्तंभ की बखूबी भूमिका निभाई है।
डॉ. अमित सिंह
दल व जनप्रतिनिधि जब पिछले वादे पूरा नहीं कर पाते तो ध्यान भटकाने लगते हैं। इसके लिए विवादास्पद मुद्दों को उछाला जाता है। जनता को इन बातों पर गौर करना चाहिए। उसे हर हाल में अपने मुद्दों पर अडिग रहना चाहिए। इससे राजनेताओं की जिम्मेदारी तय होगी और भटकाने की कला छोड़ेंगे।
मनीष प्रताप
केवल जनप्रतिनिधियों को दोष देने से कुछ नहीं होगा। बल्कि आम व्यक्ति की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। लोग अपने अधिकार के प्रति जागरूक नहीं हैं। यह जनता की जिम्मेदारी है कि जनप्रतिनिधि वादा पूरा नहीं कर रहा है, तो उसे याद दिलाए। चुनाव के समय उस मुद्दे को बहस का हिस्सा बनाए।
दीपक बुधौलिया
किसानों का हर सरकार ने शोषण किया है। जिस दल को मौका मिला, किसानों के साथ छल किया है। उसके बाद अपनी सभी खामियों का ठीकरा भी किसानों पर फोड़ दिया। राजनीति का चरित्र ही बदल चुका है। जब तक राजनीति स्वच्छ नहीं होती है, किसानहित की बात भी बेमानी है।
इंद्रजीत पाठक
किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले भी मूल रूप से किसान नहीं हैं। इसके चलते किसानों को ठगने के काम में लगे रहते हैं। राजनीति को स्वच्छ करने किसान हमेशा प्रयास करता है। लेकिन, पद पर पहुंचने के बाद वे राजनेता ही बदल जाते हैं। इससे किसान ठगा महसूस करता है।
दिलीप सिंह
एक चपरासी की न्यूनतम योग्यता तय है लेकिन जो सदन पहुंचकर कानून बना रहे हैं उनकी योग्यता तय नहीं है। विधानसभा व लोकसभा चुनाव लडऩे वालों की न्यूनतम योग्यता तय होना चाहिए। वोट करने वाले हर व्यक्ति की एल्कोहल जांच होनी चाहिए। शराब के नशे में कोइ भी अपने मताधिकार का प्रयोग न करे।
राजीव खरे
Published on:
18 Mar 2019 12:27 pm
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