19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चित्रकूट बालाजी मंदिर केस: गद्दी पर कब्जा जमाने के लिए कराई गई थी महंत की हत्या

तीन नामजद समेत दो अन्य के खिलाफ एफआइआर

less than 1 minute read
Google source verification
Chitrakoot Balaji Temple murder: Mahant was killed to capture throne

Chitrakoot Balaji Temple murder: Mahant was killed to capture throne

सतना/ धर्मनगरी चित्रकूट के बालाजी मंदिर के महंत की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने तीन नामजद समेत दो अन्य के खिलाफ अपराध कायम कर लिया है। पुलिस की अब तक की जांच के बाद यही तथ्य सामने आ रहे कि मंदिर की गद्दी पर कब्जे को लेकर वारदात कराई गई है। शुक्रवार को महंत अर्जुनदास (45) के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उनका शव गृह ग्राम मंझनपुर जिला कोसाम्बी भेज दिया गया। इधर, पुलिस अपराधियों की तलाश में तेजी से काम कर रही है।

ये है मामला

गौरतलब है कि बालाजी मंदिर के महंत अर्जुन दास अपने वाहन चालक आशीष के साथ गुरुवार की शाम बाइक से अखाड़ा जाने की तैयारी में थे। दोनों मंदिर के नीचे ही पहुंचे थे कि पहले से ही घात लगाकर बैठे बाइक सवार दो अज्ञात लोगों ने आकर महंत के सिर व कनपटी में गोली मार दी। गोली लगते ही महंत वहीं गिर गए। तभी बचाने के लिए दौड़ा चालक आशीष भी गोली लगने से घायल हो गया।

... तो हत्या की यह थी वजह
सूत्रों का कहना है कि बालाजी मंदिर के महंत रहे नारायण दास के चेला अर्जुन दास और मंगल दास थे। पूर्व में मंदिर की गद्दी का उत्तराधिकारी मंगल दास को बनाया गया था लेकिन फिर अर्जुन दास उत्तराधिकारी बन गए। ऐसे में मंगलदास और अर्जुनदास के बीच विवाद पैदा हो गया। यह विवाद बढ़ता गया और मामला कोर्ट तक पहुंचा। सामने आए घटना से जुड़े तथ्यों के आधार पर उप्र की सीतापुर चौकी पुलिस आरोपी मंगलदास निवासी कोसाम्बी, राजू मिश्रा निवासी कोसाम्बी, आलोक पाण्डेय निवासी बहराइच समेत दो अन्य के खिलाफ हत्या का मामला कायम किया है। यह जानकारी भी सामने आई कि आलोक ने ही अर्जुनदास को मिलने के लिए बुलाया था, जिसके बाद बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी।