
Chitrakoot BJP contenders Camping in the state headquarters
सतना। चित्रकूट उपचुनाव की अधिसूचना लगने के साथ ही राजनीतिक माहौल गर्म हो चुका है। सत्ताधारी दल में इसका प्रभाव ज्यादा ही देखने को मिल रहा है। वहीं पार्टी से ज्यादा दावेदारों की धड़कनें बढ़ी हैं। कारण है कि नामांकन सोमवार से शुरू होने जा रहा है, वहीं पार्टी ने किसी के नाम की घोषणा नहीं की है। इसके चलते दावेदारों के माथे पर सिकन है, वे टिकट के लिए अंतिम समय में एड़ी चोटी का जोड़ लगा रहे हैं।
उनका दावा है कि जब तक नाम की घोषणा नहीं होती, वे मैदान से बाहर नहीं हैं। बताया जा रहा है कि सतना के संगठन प्रभारी जीतेंद्र लटोरिया व चुनाव प्रभारी वीडी शर्मा स्थिति को देखते हुए भोपाल पहुंच चुके हैं। जहां वे दिग्गजों के साथ चर्चा कर रहे हैं। वहीं आधा दर्जन से ज्यादा दावेदार भी भोपाल में डेरा डाले हैं।
राजनीतिक ताकत बताने का प्रयास
वे पार्टी के समक्ष अपना पक्ष रखने का प्रयास कर रहे हैं। हर दावेदार अपने साथ बायोडाटा लेकर पहुंचा है, जिसके माध्यम से अपनी अब तक की उपलब्धि, पार्टी के हित में किए गए काम व क्षेत्र में राजनीतिक ताकत बताने का प्रयास कर रहे हैं। इस तरह दावेदार एक दूसरे से रेस में आगे बढऩे का प्रयास कर रहे हैं।
दीपावली से पहले घोषणा
भाजपा से जुड़े नेताओं की माने, तो दीपावली से पहले ही उम्मीदवार के नाम की घोषणा हो सकती है। इसके पीछे कारण है कि चुनाव में बहुत कम समय मिला है। प्रचार-प्रसार करना और डोर-टू-डोर अपनी बात पहुंचाना उम्मीदवार के लिए चुनौती होगी। हालांकि, इसके साथ ही विपक्ष के रणनीति पर भी नजर रहेगी। उसके अनुसार नाम की घोषणा आगे-पीछे हो सकती है।
दिग्गजों से संपर्क
आचार संहिता लगते ही दावेदार भोपाल की ओर रुख कर गए। जहां दिग्गजों से मिलने का प्रयास कर रहे हैं। बड़े शुभचिंतक नेताओं के घर तक संपर्क किया जा रहा है, ताकि पार्टी पैनल में अपनी दावेदारी को मजबृूत किया जा सके। एक नेता ऐसे भी हैं, जो आचार संहिता से पहले भोपाल में थे, अब वे विधानसभा में जनसंपर्क करते देखे जा रहे हैं।
मुख्यालय पर रहेंगे जिलाध्यक्ष
पार्टी सूत्रों की माने तो भोपाल से फरमान आया है कि चुनाव सम्पन्न होने तक जिला अध्यक्ष नरेंद्र त्रिपाठी जिला मुख्यालय में रहेंगे। अगर, किसी कारणवश उन्हें मुख्यालय छोडऩा पड़ रहा है, तो सूचना देंगे। साथ ही चित्रकूट में वीआईपी मुवमेंट के दौरान भी जरूरत पडऩे पर मुख्यालय छोड़ेंगे।
नामांकन प्रक्रिया आज से आरंभ
चित्रकूट विस उपचुनाव की नाम-निर्देशन प्रक्रिया १६ से २३ अक्टूबर तक रहेगी। सोमवार को नामांकन प्रक्रिया आरंभ होने के साथ ही कलेक्ट्रेट में सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किए गए हैं। उम्मीदवार के साथ ३ अन्य लोगों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। निक्षेप राशि उम्मीदवार को लोक सेवा केन्द्र में जमा करनी होगी। चित्रकूट विस उप निर्वाचन निर्वाचन की अधिसूचना 16 अक्टूबर को सुबह 11 बजे रिटर्निंग ऑफि सर एपी द्विवेदी जारी करेंगे।
कक्ष क्रमांक-जी 4 से प्राप्त होंगे फार्म
नाम निर्देशन पत्र कलेक्ट्रेट में एसडीएम नगर के कक्ष क्रमांक-जी 4 से प्राप्त किए जा सकेंगे। उपचुनाव के लिए नाम निर्देशन पत्र 23 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक अवकाश छोड़ प्राप्त किए जाएंगे। एक प्रत्याशी को चार नामांकन एक साथ या अलग-अलग प्रस्तुत करना होगा। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को एक प्रस्तावक वहीं अन्य प्रत्याशियों को उसी विस क्षेत्र के मतदाता 10 प्रस्तावक प्रस्तुत करने होंगे। अभ्यर्थी को प्रारुप 26 में शपथ पत्र देना होगा।
शस्त्र लाइसेंस निलंबित
चित्रकूट की सीमा में आने वाले समस्त शस्त्र अनुज्ञप्ति से निलंबित कर दी गई है। जिला मजिस्टे्रट ने आदेशित किया है, अनुज्ञप्तिधारी शस्त्र संबंधित थाने में तीन दिन के अंदर जमा कर पावती अभिस्वीकृत संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी से प्राप्त करें।
28लाख रुपए खर्च कर पाएंगे प्रत्याशी
विस उप चुनाव में प्रत्याशी के खर्च की अधिकतम सीमा 28 लाख रुपए निर्धारित की गई है। प्रत्याशी के पक्ष में की जाने वाली सभा, जुलूस की वीडियोग्राफी कराई जाएगी।
चुनाव में हरकत कर सकते हैं डकैत
मप्र और उप्र के सीमाई इलाकों में सक्रिय ५.३० लाख रुपए का इनामी डकैत बबुली कोल अब भी साथियों के साथ चुप्पी साधे है। दोनों राज्यों की पुलिस उसकी लोकेशन पर नजर बनाए हैं लेकिन अपनी ओर से पुलिस अभी कोई बड़ा एक्शन लेने के मूड में नहीं है। अब जब चित्रकूट विधान में चुनावी बिगुल फुंक चुका है तब यह आशंका भी तेज हो चली है कि सीमाई इलाकों में दस्यु दल हरकत करते हुए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।
एक बड़ा हिस्सा दस्यु प्रभावित
चित्रकूट विधान सभा का एक बड़ा हिस्सा दस्यु प्रभावित है। इसमें उप्र से सटे कुछ इलाके एेसे हैं जहां डकैतों की आमद बनी रहती है और उनके प्रभाव वाले इन इलाकों में डकैतों का ही फरमान हावी होता है। हालांकि उप्र पुलिस की गोली से जख्मी हुए डकैत भी किसी तरह की हरकत करने से बच रहे हैं। पुलिस भी चुनाव के एेन वक्त पर अपनी ओर से कोई चूक नहीं करना चाहती।
लवलेश कोल की हालत बेहद खराब
तराई से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दस्यु सरगना बबली के खास साथी लवलेश कोल की हालत बेहद खराब है। इसलिए डकैत गिरोह चुप्पी साधे हैं और सीमाई इलाकों में महफूज रहकर कोई वारदात नहीं कर रहा। पुलिस भी मुखबिरों के जरिए दस्यु दल की मदद करने वालों पर शिकंजा कस रही है ताकि जरूरत पडऩे पर इस गिरोह को काबू किया जा सके।
Updated on:
16 Oct 2017 12:05 pm
Published on:
16 Oct 2017 12:02 pm
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