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श्वांस नली में मां का दूध अटकने से एक माह के मासूम की मौत

- सीएमएचओ, सीएस, एसएनसीयू प्रभारी, डीएचओ भोपाल तलब

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सतना

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Deepesh Tiwari

Mar 04, 2023

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सतना। शाहजहां का जन्म 12 दिसंबर को अस्पताल में हुआ। बीमार होने पर छह दिनों तक जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती रहा, लेकिन इस दौरान मां को स्वास्थ्य अमले ने स्तनपान के तौर-तरीके तक नहीं बताए। नतीजन स्तनपान के दौरान श्वांस नली में मां का दूध चले जाने से बच्चे की मौत हो गई। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं भोपाल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ, सिविल सर्जन, डीएचओ, एसएनसीयू प्रभारी चिकित्सक को मासूम की मौत की समीक्षा करने भोपाल तलब किया है।

जन्म के दौरान बच्चे को किसी प्रकार की तकलीफ नहीं थी। वह स्वस्थ था। वजन 2.50 किग्रा था। जच्चा-बच्चा दोनों को 14 दिसंबर को डिस्चार्ज कर दिया गया। घर जाने के बाद शाहजहां बीमार हो गया। उसने मां का दूध पीना छोड़ दिया, जिससे उसका वजन घटने लगा। परिजनों ने 28 दिसंबर को जिला अस्पताल के एसएनसीयू में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने जांच में पाया कि मासूम प्सिस का शिकार है, जिसकी वजह से मां का दूध नहीं पी रहा है। वजन घटकर 1.67 किग्रा हो गया था।

मासूम को छह दिनों तक भर्ती रखा गया। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक छह दिनों तक भर्ती रहने के बाद मासूम की तबियत में सुधार हुआ। वजन में 10 से 15 ग्राम की वृद्धि हुई और मां का दूध पीना शुरू कर दिया। उसे 3 जनवरी को डिस्चार्ज कर दिया गया। आशा कार्यकर्ता फॉलोअप के लिए मासूम को लेकर एसएनसीयू पहुंची तब उसका वजन बढ़कर 2 किग्रा हो गया था।

मां का दूध पीने के बाद मुहं से निकला झाग, चिकित्सकों ने कहा, श्वांस नली में अटक गया दूध
शाहजहां को उसकी मां स्तनपान करा रही थी। तभी एकाएक मासूम के मुंह से झाग निकला और उसने आंख बंद कर ली। परिजन मासूम को लेकर आनन-फानन में एसएनसीयू पहुंचे। चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि श्वांस नली में मां का दूध अटकने की वजह से मासूम ने दम तोड़ दिया।

संचालनालय ने भोपाल किया तलब-
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक प्रत्येक जिले से एक शिशु मृत्यु की समीक्षा संचालनालय भोपाल स्तर पर की जा रही है। सतना से शाहजहां का मामला समीक्षा के लिए चिह्नित किया गया। सीएमएचओ डॉ. एलके तिवारी, सिविल सर्जन डॉ. केएल सूर्यवंशी, एसएनसीयू प्रभारी डॉ. विजेता राजपूत, डीएचओ डॉ. एचके अग्रवाल, लेबर रुम प्रभारी चिकित्सक, प्रभारी नर्सिग स्टॉफ को केस शीट के साथ 3 मार्च को भोपाल बुलाया गया है।

मौत के ये बताए कारण
अभिभावकों द्वारा मापदंडों के अनुरुप शिशु की देखभाल नहीं की गई।