
Construction Of satna Fly Over Bridge 10 months and will take time
सतना। सेमरिया चौराहे पर बन रहा फ्लाइओवर पूरी तरह से ठेका कंपनी की मनमानी का शिकार है। 6 माह का एक्सटेंशन मिलने के बाद भी कंपनी की लापरवाही जारी रही। परिणाम यह है कि अभी 20 फीसदी से ज्यादा का काम शेष है। अगर, सतत गति से काम चलता है, तो भी कम से कम 6 माह का समय लगेगा। वर्तमान गति को देखते हुए ये समय 10-12 माह का भी हो सकता है।
मई 2016 में सेमरिया चौराहे पर फ्लाइओवर निर्माण की शुरुआत की गई थी। इसकी अनुमानित कीमत 36 करोड़ थी। अनुबंध शर्त के अनुसार इसका काम मई 2018 में पूरा होना था लेकिन, ठेका कंपनी स्काई लार्क का रवैया शुरू से मनमानी का रहा।
अनुबंध शर्त को नजरअंदाज करते हुए काम शुरू किया गया। सब कुछ जानते हुए स्थानीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधि भी निजी हितों के लिए चुप्पी साधे रहे। स्थिति यह रही कि करीब डेढ़ साल गुजरने के बाद भी कंपनी 50% भी काम पूरा नहीं कर सकी। जब फरवरी 2018 में तीन माह पहले तत्कालीन कलेक्टर मुकेश शुक्ला ने बैठक बुलाई, तो पता चला कि फ्लाइओवर का बड़ा हिस्सा अधूरा है।
सर्विसलेन के नाम पर समय बर्बाद
पिलर जैसे मूल काम अटके हैं। कंपनी सर्विसलेन के नाम पर समय बर्बाद कर रही। लिहाजा, कलेक्टर ने सख्ती दिखाते हुए कंपनी प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन शर्मा को बैठक में फटकार लगाई थी। उसके बाद 6 माह के लिए एक्सटेंशन दिया था। ऐसे में दिसंबर में काम पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन, स्थिति सबके सामने है। ऐसे में जिला प्रशासन को पुन: एक्सटेंशन पर विचार करना होगा।
30 दिसंबर अतिम तिथि
एक्सटेंशन की समयावधि को देखा जाए तो 30 दिसंबर तक कंपनी स्काई लार्क को काम पूरा कर लेना चाहिए था पर ऐसा होते नहीं दिख रहा है। 20% से ज्यादा का काम अटका है। उसके बाद भी कंपनी के माथे पर सिकन नहीं दिखती है। जानकार कहते हैं कि वर्तमान में जो काम हो रहा है वह केवल दिखाने के लिए है। फ्लाइओवर के महत्वपूर्ण काम को ठंडे बस्ते में डाला गया है। जब तक वह हिस्सा पूरा नहीं होता, फ्लाइओवर को चालू नहीं किया जा सकता।
चौराहे के बीच का ड्राइंग डिजाइन नहीं
फरवरी में बैठक के दौरान कहा गया था कि चौराहे के बीच का ड्राइंग डिजाइन नहीं मिल पाया है। जिस कारण काम को गति नहीं मिल रही है। उसके बाद मार्च की बैठक में कंपनी को ड्राइंग डिजाइन उपलब्ध करा दी गई। इसके तहत चौराहे के ऊपर टी-सेफ में लोहे का गाटर लगना है। लेकिन, इसे बनाने के लिए किसी कंपनी को अभी तक काम ही नहीं दिया गया है।
गाटर बनने में लग जाएंगे 4-5 माह
ड्राइंग डिजाइन के अनुसार फ्लाइओवर के सेमरिया चौराहे के पास लगने वाले गाटर को किसी कंपनी में आर्डर पर बनवाना होगा। माना जा रहा कि एल-एंड-टी से चर्चा हो रही है। अगर, स्काई लार्क और एल-एंड-टी के बीच काम तय होता है, तो गाटर बनने में 4-5 माह का समय लग जाएगा। उसे सतना लाने में भी करीब ३ माह का समय लगेगा। उसके बाद 2-3 माह लगाने में लगेगा। इस तरह कम से कम सालभर का समय लगेगा।
Published on:
10 Dec 2018 10:05 am
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