18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

MP के इस शहर में हर रोज खप रही लाखों की कफ सीरप, बड़े कारोबारी पुलिस की गिरफ्त से दूर

शहर से गांव तक बिक रहा 'सीसी बंद' नशा, अवैध कारोबार की जड़ तक पहुंचने की जरूरत

2 min read
Google source verification
cuff syrup Illegal business in india corex cough syrup kya hai

cuff syrup Illegal business in india corex cough syrup kya hai

सतना। शहर से गांव तक सीसी बंद नशे का कारोबार जोरों पर है। हर रोज लाखों की खपत वाले इस कारोबार की जड़ तक पुलिस नहीं पहुंच सकी है। दूसरी ओर औषधि विभाग के जिम्मेदार अफसरों ने भी सख्ती नहीं बरती। यही वजह है कि मुनाफे के इस अवैध कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है। हाल ही में पुलिस ने रामपुर और कोलगवां इलाके से कफ सीरप बेचने वालों को पकड़ा है।

इसके पहले भी बड़ी खेप पुलिस के हाथ लगी। लेकिन यह सीरप कहां से लाई गई और थोक कारोबारी कौन हैं? इसका पता नहीं चल सका। जरूरत है इस कारोबार पर अंकुश लगानेे के लिए जड़ तक पहुंचा जाए। ताकि समाज में घुल रहे इस जहर से निजात मिल सके।

बैच नंबर का मिलान नहीं
दवा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि किसी भी दवा के बैच नंबर से पता लग जाता है कि वह किस डीलर के यहां सप्लाई हुई। डीलर के यहां से रिटेलर के यहां कब गई। इसका रिकॉर्ड सभी को रखना जरूरी है। इन सब के बावजूद थोक विक्रेता पुलिस की गिरफ्त से बचे हुए हैं।

छूटकर फिर वही कारोबार
जिस तरह शराब, गांजा बेचने वाले पुुलिस की गिरफ्त से छूटकर फिर अपना वही कारोबार करने लगते हैं, ठीक उसी तरह कफ सीरप का कारोबार भी चल रहा है। शहर में ही कई ऐसे फुटकर कारोबारी हैं जो कई बार पुलिस के हत्थे चढ़ चुके और इसके बाद भी उनका वही पुराना काम चालू है।

यह मामले सामने आए
कोलगवां थाना इलाके के बस स्टैंड में नशे का कारोबार कर रहे सूरज साकेत पुत्र रामपति साकेत (19) को गिरफ्तार पुलिस ने 10 जून को गिरफ्तार किया था। इसके कब्जे से 154 सीसी कफ सीरप जब्त की गई है। इसी तरह 11 जून को रामपुर बाघेलान थाना पुलिस नेे बताया था कि तुर्की मोड़ साइडिंग में दबिश देते हुए आरोपी का नाम बृजेन्द्र सिंह पटेल पुत्र अमृत लाल पटेल (48) निवासी तिउनी थाना रामपुर बाघेलान को 110 सीसी कफ सीरप के साथ पकड़ा है। इन दोनों आरोपियों पर कार्रवाई के बाद पुलिस थोक कारोबारियों तक नहीं पहुंच सकी।

अपराध को मिल रहा बढ़ावा
जानकार बतातेे हैं कि कफ सीरप का नशा करने वालों में युुवा वर्ग आगे है। नशा करने के बाद उत्तेजित हाल में यही युवा वर्ग अपराध करने से नहीं चूकता। पुलिस भी कई गंभीर अपराधों के खुलासे में इस बात का जिक्र कर चुकी है कि गोली और सीरप का नशा करने के आदी युवकों ने वारदात को अंजाम दिया है।