
Dialysis off in satna District hospital
सतना। जिला अस्पताल डायलिसिस इकाई के नोडल अधिकारी प्रभारी चिकित्सक से परेशान होकर तीन टेक्नीशियन नौकरी छोड़कर जा चुके हैं। इससे एक सप्ताह से भी अधिक समय से चार डायलिसिस मशीनें बंद हैं। पीडि़तों की डायलिसिस नहीं हो पा रही है। प्रबंधन मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
ये है पूरा मामला
बताया गया, डायलिसिस इकाई के नोडल अधिकारी मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ आरएन सोनी द्वारा इकाई में पदस्थ टेक्नीशियन को अवकाश प्रदान नहीं किया जा रहा था। अवकाश देने के नाम पर परेशान भी किया जा रहा था। इसके चलते बीते कुछ माह में डायलिसिस इकाई के तीन टेक्नीशियन जय कुशवाहा, रोहित त्रिपाठी और अनुज कुशवाहा नौकरी छोड़कर जा चुके हैं।
प्रभारी द्वारा अवकाश नहीं दिया गया
इनमें से एक टेक्नीशियन ने आरोप लगाया कि वह परीक्षा में सम्मिलित होना चाहता था। इसके लिए डायलिसिस सेवा प्रदान करने वाली कंपनी को सूचना भी दी थी पर नोडल अधिकारी ने अनुमति नहीं दी। एक अन्य ने आरोप लगाया वह परिवार के वैवाहिक समारोह में जाना चाहता था लेकिन प्रभारी द्वारा अवकाश नहीं दिया गया।
15 दिन की वेटिंग
अस्पताल के रेकॉर्ड की मानें तो मार्च तक हर माह औसतन दो से 250 पीडि़तों की डायलिसिस की जा रही थी। यानी हर दिन छह से आठ पीडि़तों को सुविधा का लाभ मिल रहा था। बीते एक माह से इकाई की व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। ऐसे में पीडि़तों को 15 से 20 दिन इंतजार करना पड़ रहा है।
नहीं मिला लाभ
किडनी पीडि़तों की बढ़ती संख्या की वजह से वर्ष 2016 में संचालनालय स्वास्थ्य सेवा द्वारा जिला अस्पताल प्रबंधन को चार डायलिसिस मशीन प्रदान की गई थी। बीपीएल वर्ग को नि:शुल्क और एपीएल वर्ग के पीडि़तों को रियायती दाम पर डायलिसिस की सुविधा देने के निर्देश हैं। लेकिन, किसी को लाभ नहीं मिल पा रहा।
डायलिसिस के लिए वेटिंग
- तारीख वेटिंग
- 23 मई 14
- 24 मई 15
- 25 मई 13
- 26 मई 13
- 27 मई 15
Published on:
29 May 2018 11:33 am
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