
satna overbridge
सतना. खस्ताहाल हो चुके ओवरब्रिज के फुटपाथ के नए सिरे से निर्माण के काम में जमकर अनियमितता की जा रही है। घटिया ग्रेडिंग की कांक्रीट से फुटपाथ बनाया जा रहा है। फुटपाथ को मजबूती देने जो स्लैब बनाया गया है उसमें भी मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। सिविल लाइन छोर में सीढ़ी के ठीक दूसरी ओर पुलिया के बगल के पियर पर किए गए स्लैब के घटिया निर्माण कार्य को देखा जा सकता है। सिविल वर्क के जानकारों का कहना है, पियर (पिलर) के ऊपर जहां स्लैब का ज्वॉइंट है वही सही नहीं है। ज्वाइंट को पूरी तरह से वर्टिकल होना चाहिए। लेकिन वह वर्टिकल न होकर तिरछा होता स्पष्ट नजर आता है। इससे लोड वहन करने की क्षमता प्रभावित होती है।
हनीकोम बता रहा घटिया निर्माण
यहां जो निर्माण कार्य हो रहा है उसके कांक्रीट वर्क में बड़े पैमाने पर हनीकोम बन रहे हैं। जो बताते हैं कि यहां निर्माण की गुणवत्ता सही नहीं है। इससे पहला तो यह साबित होता है कि जो कांक्रीट मिक्स उपयोग किया जा रहा है वह सही नहीं है। दूसरा कांक्रीट को सेट करने के लिए सही तरीके से बाइब्रेट नहीं किया गया है। यदि कांक्रीट मिक्स सही होता और बाइब्रेशन सही होता तो सतह चिकनी बननी चाहिए थी, लेकिन यहां गिट्टी की बेरतरीब सतह (हनीकोम) व्यापक पैमाने पर नजर आ रही है।
स्पांशन ज्वॉइंट सही नहीं
निर्माण कार्य के नियमों के अनुसार स्लैब का जो स्पांशन ज्वॉइंट होता है, वह पूरी तरह से फ्री होना चाहिए। अर्थात न तो स्लैब आपस में जुडऩे चाहिए और न ही इन्हें पियर से जुडऩा चाहिए। इसके पीछे निर्माण का सिद्धांत है कि गरमी और ठंडी में तापमान के अनुसार इनमें फैलाव और सिकुडऩ होती है। इससे इनमें क्रेक की संभावना होती है। इसलिए एक्सपांशन ज्वॉइंट फ्री रखा जाता है। इसको फ्री रखने के दो तरीके हैं। एक तो बिटुमिन फिल (टार फिल्ट) दूसरा प्लेट फिल। जानकारों के अनुसार रोड के स्पांसन ज्वॉइंट में बिटुमिन फिल किया जाता है और ब्रिज में लोहे की प्लेट लगाई जाती है। लेकिन यहां टार फिल्ट किया गया है और इसकी स्वीकारोक्ति यहां का काम देख रहे सेतु निगम के इंजीनियर राजेश सिंह भी करते हैं। स्लैब को पियर पर जहां रखा गया है वहां कांक्रीट मिक्स इस तरह डाल दिया गया है कि स्लैब फ्री रह ही नहीं गया है।
सीमेंट पोत कर छिपाया हनीकोम
स्लैब और फुटपाथ निर्माण में जगह जगह बने हनीकोम से घटिया निर्माण की कलई न खुले इसलिए ठेकेदार द्वारा इन्हें छिपाने सीमेंट की पुताई की जाकर चिकना किया गया है। जहां सीमेंट की पुताई की गई है उन स्थानों का रंग अलग स्पष्ट नजर आता है।
यह है हनीकोम
कांक्रीट का जब काम किया जाता है उसमें यदि कांक्रीट मिक्स तय मापदंड में सही तरीके से बना होता है और वाइब्रेशन सही होता है तो शटरिंग हटाए जाने पर उसकी सतह चिकनी आती है। यदि काम सही नहीं होता है तो खुरदरी सतह होती है। गिट्टी अलग-अलग दिखती है। इसे तकनीकि भाषा में हनीकोम कहा जाता है।
इन्हें कोई दिक्कत नहीं
इंजीनियर राजेश सिंह से बात की गई तो उन्होंने किसी बात का स्पष्ट उत्तर नहीं दिया। कहा, हमें कोई दिक्कत नहीं है। इसके बाद वे पूरा जवाब दिए बिना फोन काट दिए। सवाल यह उठ रहा है कि दिक्कत इन्हें नहीं, करोड़ों के हो रहे शासकीय काम और भविष्य में यहां से गुजरने वालों को होगी।
Updated on:
07 Feb 2018 02:04 pm
Published on:
07 Feb 2018 01:02 pm
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