
Due to power cut of overnight in satna city
सतना. मर्ज बढ़ता गया, ज्यों-ज्यों दवा की ये पक्तियां जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर सटीक बैठ रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्वाध बिजली सप्लाई के निर्देश दिए थे, लेकिन शहर की बिजली व्यवस्था पर असर इसके उलट दिखाई दे रहा है। अभी तक दिन में आंख मिचौली करने वाली बिजली अब रात में भी गुल होने लगी है। बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात शहर स्थित विद्युत सब स्टेशनों के बीच अघोषित बिजली कटौती की होड़ मची रही। एक-एक फीडर में रात में पांच-पांच कट लगे। झुलसाती गर्मी के बीच बिजली कटौती से परेशान जनता रातभर करवटें बदलती रही। अघोषित बिजली कटौती से रातभर परेशान रहे लोग सुबह होते ही पावर हाउस चौक स्थित शहर संभाग के बिजली दफ्तर पहुंच गए और इइ कार्यालय का घेराव करते हुए नारे लगाए। लोगों ने शहर संभाग में इइ को ज्ञापन सौंपते हुए जनहित में २४ घंटे निर्वाध बिजली देने की मांग की। लोगों ने कहा, सरकार बदलते ही बिजली कटौती शुरू हो गई है। इसे बंद होना चाहिए। ज्ञापन देने वालों में अभिषेक तिवारी, जितेन्द्र गुप्ता, अंकित तिवारी, सुमित परौहा, अंकित मिश्रा, सौरभ सिंह, आयुष पाण्डेय, आशीष, शिवा यादव सहित सैकड़ों लोगशामिल रहे।
विद्युत कटौती क्यों अधिकरियों के पास जवाब नहीं
एक ओर विद्युत कंपनी के अधिकारी जिले को सार प्लस बिजली मिलने का दावा कर रहे हैं। दूसरी ओर शहर में दिन हो या रात अघोषित विद्युत कट जारी है। दिन में लगने वाले कटों को मेंटीनेंस होना बताकर अधिकारी अपना पल्ला झाड़ लेते थे, लेकिन रात में बिजली गुल क्यों हो रही है, इसका जवाब विद्युत कंपनी के अधिकारियों के पास नहीं हैं। उनका कहना है कि हाइटेंशन लाइनों में फाल्ट एवं गर्मी में ट्रांसफार्मर ओवर लोड होने के कारण फीडर में ट्रिपिंग की समस्या आ रही है।

Published on:
08 Jun 2019 12:27 am
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