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अब नहीं चेते तो हो जाएगी बहुत देर, छोटे – छोटे प्रयास से ही करनी होगी पृथ्वी को बचाने की पहल

पृथ्वी दिवस विशेष: अपने ही हाथों धरा को मत पहुंचाएं चोट    

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सतना

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Jyoti Gupta

Apr 21, 2019

Earth Day Special

Earth Day Special

सतना. पृथ्वी न केवल मानव बल्कि अन्य लाखों प्रजातियों का भी घर है। साथ ही ब्रह्मांड में एकमात्र वह स्थान है जहां जीवन का अस्तित्व पाया जाता है। हम सभी जानते हैं कि अगर पृथ्वी नष्ट हो जाएगी तो हमारा जीवन ही समाप्त हो जाएगा। फिर भी हम भौतिक सुख के चलते धड़ल्ले से एेसी चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनसे जहरीली गैसे निकल कर ओजोन की परतों पर छेद कर रही हैं। फ्रि ज, एसी, गाडि़यों से निकलने वाला धुआं पृथ्वी का जीवन खतरे में डाल रहा है। हमने भौतिकतावाद की एेसी चादरे ओढ़ रखी हैं कि हर दिन पृथ्वी को संकट में पहुंचा रहे हैं। पॉलीथीन का धड़ल्ले से इस्तेमाल करना, जंगलों को कांटना। इससे हमारा शहर भी पीछे नहीं है। सुबह नींद खुलते ही लोग अपने घरों की सफाई कर कचरा घर के बाहर कही भी फेंक देते हैं। बाजार सामान लेने खाली हाथ निकल पड़ते हैं और पृथ्वी को नुकसान पहुंचानी वाली पॉलीथीन को घर ले आते हैं। हम मटके का इस्तेमाल न कर फ्रिज का इस्तेमाल कर रहे हैं। जबकि ये सभी बुरी आदते पृथ्वी को चोट पहुंचा रही हैं। हम यह भूल चुके हैं कि हम जो करेंगे वहीं हमे मिलेगा। इसलिए समय रहते हम सबको चेत जाना चाहिए और पृथ्वी को बचाने का प्रयास शुरू कर देना चाहिए। वरना बहुत देर हो जाएगी। पृथ्वी को बचाने के लिए हम कुछ बड़ा तो नहीं कर सकते पर अगर चाह लें तो छोटी छोटी बातों का ध्यान रख इसके संकट को कम कर सकते हैं। आज पृथ्वी दिवस है जाने एेसा क्या करने से हम पृथ्वी को बचा सकते हैं।

अधिक से अधिक पौधे लगाएं
पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र तिवारी कहते हैं कि पृथ्वी को बचाना है तो हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक- एक पौधे लगाना जरूरी है। हम सभी जानते हैं पौधे काबर्नडाई आक्साइड जहरीली गैस को अवशोषित करते हैं और हमे ऑक्सिजन प्रदान करते हैं। इतना ही नहीं जब बाढ़ आती है तो यही पौधे मिट्टी के कटाव को रोकते हैं। जब पृथ्वी हरी भरी रहेगी तभी वह जीवित रहेगी और हम सबको जीवन प्रदान करती रहेगी। जब भी घर बनवाएं वहां और उसके आस पास खाली स्थान पर पौधे जरूर लगाएं।


गाडि़यों की जगह साइकिल का करें इस्तेमाल
पृथ्‍वी पर होने वाले प्रदूषण के कारण पृथ्‍वी संकट में हैं। बेतहाशा बढ़ते प्रदूषण की वजह से ओजोन परत में भी छेद होने लगी है। यह परत सूर्य से निकालने वाली पराबैंगनी किरणों को हम तक पहुंचने से रोकती है। यह बात हमें बहुत समय से पता है लेकिन हम इसके लिए कुछ नहीं कर रहे हैं। अगर हम फ्रिज की जगह मटके का इस्तेमाल करने लगे, गाडि़यों की जगह साइकिल का इस्तेमाल करने लगे। पूरे शहर को साफ सुथरा रखेंगे तो अपने आप पृथ्वी सुरक्षित होने लगेगी।

किसी भी कीमत पर न करें पॉलीथीन का उपयोग
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. एके श्रीवास्तव का कहना है कि हमारे शहर में पॉलिथीन बैन कर दी गई है। फिर भी छोटे से लेकर बड़े दुकान आज भी पॉलिथीन में सामान देते हैं। हम बिना हिचकिचाए उन्हीं पॉलिथीन में सामान लेकर चले आते हैं। अगर हम ठान लेंगे कि घर से थैला लेकर ही शॉपिंग करने जाएंगे तो किसी में इतनी हिम्मत नहीं कि हम पॉलिथीन दें । हम सबको दृढ संकल्पित होकर पॉलिथीन और प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह से बंद कर देना चाहिए।

जनसंख्या नियंत्रण पर भी ध्यान देना होगा
डॉ. हर किरन बावा का कहना है कि शहर की आबादी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। क्या हमे पता है कि हम अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किसका दोहन कर रहे हैं। पृथ्वी का। जंगल काट कर आसियाना बसा रहे हैं। जल, भोजन सब हमे पृथ्वी से ही मिलता है। जितनी अधिक जनसंख्या बढ़ेगी पृथ्वी का दोहन भी उतनी ही तेजी से होगा। इसलिए अब लोगों को इस बारे में भी सोचना चाहिए। एक परिवार में दो बच्चे आज की महंगाई में संभाल पाना बहुत मुश्किल है। फिर लोग अज्ञानता के चलते जनसंख्या वृद्धि के कारण बने हुए हैं।