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सतना से सगमा के बीच 112 की रफ्तार से दौड़ा इलेक्ट्रिक इंजन

सीआरएस, डीआरएम का निरीक्षण के बाद ट्रायल

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Electric engine ran at 112 speed between Satna and Sagma

Electric engine ran at 112 speed between Satna and Sagma

सतना. रेलवे सुविधाओं के विकास की दृष्टि से शुक्रवार को दिन विशेष रहा। सतना-सगमा रेल लाइन विद्युतीकरण का निरीक्षण और ट्रायल किया गया। जायजा लेने पहुंचे सीआरएस केके जैन और डीआरएम ने 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से विशेष ट्रेन से रेलवे ट्रेक और विद्युतीकरण कार्य का जायजा लिया। इलेक्ट्रिक इंजन से 112 किमी प्रतिघंटा की गति से सगमा से सतना के बीच ट्रायल रन किया। अधिकारियों ने ट्रायल को सफल बताया।

सतना-सगमा रेल लाइन विद्युतीकरण का जायजा लेने सीआरएस एके जैन शुक्रवार सुबह स्पेशल ट्रेन से सतना पहुंचे। जहां प्लेटफार्म क्रमांक एक पर अधिकारी पहले से ही मौजूद थे। उनके साथ स्पेशल टे्रन में सभी अधिकारी जायजा लेने रवाना हुए। सीआरएस ने टे्रन 40 से 50 की गति से चलाने के पहले ही निर्देश दे रखे थे। टीम ने रेलवे ट्रेक और विद्युतीकरण का बारीकी से जायजा लिया।

मुख्त्यिारगंज फाटक पर देखा हाईट गेज
स्पेशल ट्रेन स्टेशन से रवाना होने के बाद शहर के मुख्त्यिारगंज रेलवे फाटक के पास रुकी। जहां सीआरएस, डीआरएम सहित अधिकारियों की टीम ने ओवर हेड इलेक्ट्रिक बायर का ट्रेक से मिलान किया। पाया कि फाटक के पास मानकों के अनुरुप विद्युतीकरण कार्य किया गया है। कनेक्टिंग बायर का भी जायजा लिया। फाटक के आगे से निकलने वाली एमपीईबी की 132 केबी की लाइन का भी निरीक्षण किया। देखा कहीं यह रेलवे लाइन से टच तो नहीं हो रही है।

डीआरएम ने देर रात से डाल रखा था डेरा
सीआरएस पीके जैन का 24 मई को निरीक्षण पहले से तय था। जिसके चलते डीआरएम मनोज सिंह गुरुवार देर रात 11:30 बजे ही चित्रकूट एक्सप्रेस से सतना पहुंच गए थे। सीआरएस के पहुंचने के पहले स्टेशन की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया।

यह होगा लाभ-

1. विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद सतना से मानिकपुर-इलाहाबाद तक रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ेंगे। मानिकपुर से सगमा तक की बायरिंग का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। जिसका मार्च माह में अधिकारियों की टीम ने जायजा लिया था। तब संगमा से सतना और यार्ड के बीच बाकी था। जिसे भी पूरा कर लिया गया है।

2. सतना से कटनी तक रेल लाइन विद्युतीकरण के बाद इटारसी से इलाहाबाद तक विद्युत इंजन से ट्रेन चलेंगी।

3. कटनी, मानिकपुर और जबलपुर स्टेशन में इंजन बदलने में अतिरिक्त समय नहीं लगेगा। इससे समय की बचत होगी और ट्रेन जल्दी रवाना होंगी।

4. विद्युतीकरण के बाद ट्रेन की गति बढ़ेगी। ट्रेन पहले की बजाए कम समय में अधिक दूरी तय कर सकेंगी। बोर्ड की मंजूरी मिलते ही यह प्रोजेक्ट आम व्यक्ति के लिए व्यवहारिक रुप से महत्वपूर्ण सुविधा साबित होंगे। ट्रायल के दौरान सीआरएस, डीआरएम के अलावा मंडल के आला अधिकारी भी मौजूद रहे।