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Satna Dhan Kharidi Kendra: ई-पेमेंट ऑर्डर जारी, फिर भी किसानों का 4 करोड़ से ज्यादा का भुगतान अटका

न डीएम नान गंभीर न समिति प्रबंधक ले रहे रुचि: 64 ईपीओ हो चुके हैं जारी

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Electronic payment order: dhan kharidi kendra news in satna district

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सतना/ जिले में धान खरीदी को लेकर व्यापक पैमाने पर हीला-हवाली दिख रही है। पहले तो विलंब से खरीदी केन्द्र प्रारंभ हुए, जब किसानों ने किसी तरह से धान बेच दी तो अब भुगतान में विलंब किया जा रहा है। यह स्थिति तब है जब शासन स्तर से ईपीओ (इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट ऑर्डर) जारी हो चुके हैं। सतना जिले में 64 ईपीओ जारी हो चुके हैं जिसके विरुद्ध 4.78 करोड़ का भुगतान किसानों को नहीं हो सका है। जबकि शासन स्तर से 65 करोड़ की राशि डाली जा चुकी है।

धान खरीदी की तय प्रक्रिया के तहत जब किसानों की बेची गई उपज गोदामों में पहुंच जाती है तब किसानों को भुगतान के लिए ईपीओ जारी होता है। इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट आर्डर जारी होने के बाद समिति का काम है कि वह किसानों के खाते में राशि डालने की प्रक्रिया करे लेकिन जिले में समितियां मनमानी पर उतारू हैं। शासन से 64 ईपीओ जारी होकर पड़े हुए हैं, समितियां भुगतान नहीं कर रही हैं। भुगतान समय पर हो सके यह देखना डीएम नान और जिला आपूर्ति अधिकारी का काम है। पर इनके द्वारा भी इस दिशा में गंभीरता नहीं बरती जा रही है। लिहाजा भुगतान की स्थितियां खराब है।

एक करोड़ से ज्यादा का भुगतान एक समिति में लंबित
जानकारी के अनुसार जिले में किसानों के भुगतान में लापरवाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनकी समिति के किसानों के एक करोड़ से ज्यादा के भुगतान आदेश पड़े हुए हैं लेकिन किसानों को राशि नहीं दी जा रही है। मसलन समिति तुषगवां के 137 किसानों के 11 ईपीओ 1.07 करोड़ रुपए के जारी हो चुके हैं लेकिन प्रबंधक राखी लाल यादव चुप्पी साधे बैठे हैं। इसी तरह से सहकारी समिति मगराज के 81 किसानों के 8 ईपीओ 1.17 करोड़ के जारी हो चुके है प्रबंधक रामनिहोर पटेल ने किसानों को भुगतान नहीं किया। ऐसे में किसान उपज का दाम लेने के लिए परेशान हो रहे हैं।

यहां खरीदी केंद्रों में लुट रहा अन्नदाता
इधर, मैहर की जनपद पंचायत के जरियारी गांव में ओपन धान खरीदी केंद्र में किसानों को लूटा जा रहा। 40 किलो भर्ती के जगह 41 किलो 100 ग्राम लिया जा रहा है। ऐसे में किसानों को मजबूरी में तय मात्रा से ज्यादा धान देना पड़ रहा है। धान खरीदी केंद्र में नंबर लगाने के लिए भी किसानों से पैसा लिया जा रहा है। जो किसान पैसे देकर नंबर नहीं लगवाते हैं उनको 4 से 5 दिन ठंड में गुजारना पड़ता है।

यह है ईपीओ की स्थिति
समिति ईपीओ किसान राशि संख्या लाख
पकरिया 14 29 32.08
हरिहरपुर 7 31 29.99
पतौरा 5 34 33.57
मझगवां 4 7 5.92
बठिया 3 24 22.19
मंडी नागौद 3 21 24.68
रौड़ 3 7 23.67
तपा 2 53 23.64
गोरसरी 2 24 22.29
ओबरी 1 10 14.25
शिवराजपुर 1 1 6.46

ईपीओ जारी होने के बाद भी किसानों को राशि नहीं मिल रही तो यह जिला स्तर के अधिकारियों की लापरवाही है। उन्हें प्रतिदिन ईपीओ और राशि की जानकारी भेजी जाती है। मामले में जानकारी ली जाएगी। हम पर्याप्त राशि जारी कर चुके हैं।
अभिजीत अग्रवाल, एमडी नान