
ईवीएम
सतना संसदीय सीट में सोमवार को लोकसभा चुनाव के लिए मतदान हुआ। शुरुआती दौर में इस सीट में करीब डेढ़ दर्जन पोलिंग बूथों पर ईवीएम खराब होने की शिकायत मिली। इसके चलते कुछ समय के लिए मतदान रुका रहा। ईवीएम खराब के कारण जिला निर्वाचन अधिकारी व कलेक्टर सतेंद्र ङ्क्षसह को भी बिना मतदान किए लौटना पड़ा था। हालांकि, करीब १ घंटे बाद वे पुन: पोलिंग बूथ पहुंचे और मतदान किया। उनका नाम शहर की पोलिंग बूथ क्रमांक ११५ में बतौर मतदाता दर्ज है।
समय से पहले पहुंचे मतदाता
लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवें चरण में सोमवार को सतना में मतदान शुरू हुआ। मतदान का समय सुबह 7 बजे से था पर मतदाता सुबह 6 बजे से ही मतदान केंद्र पहुंचने लगे थे। शुरुआती दौर में मतदाताओं में मताधिकार के प्रयोग को लेकर उमंग और उत्साह देखने को मिला। महिला, बुजुर्ग व युवा बड़ी संख्या में मतदान केंद्र पहुंच रहे थे। इसका असर सीधे तौर पर ईवीएम में दर्ज होती संख्या में देखने को मिला।
रैगांव में सर्वाधिक मतदान
सुबह 9 बजे तक करीब 12.38 फीसदी मतदाताओं ने मत का प्रयोग कर लिया था। सबसे ज्यादा रैगांव में मतदान हो चुका था, वहीं सबसे कम स्थिति में मैहर विधानसभा क्षेत्र रहा। चित्रकूट में 13.18, रैगांव में 15.49, सतना में 12.25, नागौद में 13.12, मैहर में 10.65, अमरपाटन में 10.75, रामपुर में 11.84 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
15 लाख से ज्यादा मतदाता
उल्लेखनीय है कि सतना लोकसभा में 21 प्रत्याशी सियासी मैदान में हैं। मुख्य मुकाबला भाजपा के गणेश सिंह और कांग्रेस के राजराम त्रिपाठी के बीच है। वहीं बसपा खोया हुआ जनाधार वापस पाने की पुरजोर कोशिश कर रही। इस सीट पर सुबह 7 से शाम 6 बजे तक 15,71,526 मतदाता भाग लें सकेंगे। इसके लिए पूरे संसदीय क्षेत्र में 1975 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। उधर, टिसकली में शुरुआती दौर में मतदान का बहिष्कार हुआ। हालांकि करीब 11 बजे शुरू हुआ।
Published on:
06 May 2019 04:06 pm
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