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मुठभेड़ में पकड़े गए एक लाख के इनामी डकैत सोहन से फायर पावर बरामद

मप्र में बबुली गैंग से पुलिस मुठभेड़ में भागा था सोहन, गिरोह के दो सदस्यों की पुलिस को अब भी तलाश

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Fire power recovered from dacoit Sohan caught in an encounter

Fire power recovered from dacoit Sohan caught in an encounter

सतना. मप्र पुलिस की मुठभेड़ में डकैत बबुली कोल और उसके राइट हैण्ड लवलेश कोल के मारे जाने के बाद अब उप्र पुलिस ने गिरोह के एक साथी को गिरफ्तार करते हुए फायर पावर बरामद कर ली है। गुरुवार को खुलासा करते हुए उप्र पुलिस ने बताया कि मप्र पुलिस की मुठभेड़ के दौरान जंगल से भागा गिरोह का सदस्य सोहन कोल को उप्र पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ा है। सोहन के पकड़े जाने के बाद उप्र पुलिस दावा कर रही है कि बबुली कोल गिरोह का खात्मा हो चुका है।
पुलिस उप महानिरीक्षक चित्रकूट धाम परिक्षेत्र दीपक कुमार के अनुसार, बबुली कोल गैंग के सदस्य एक लाख रुपए के इनामी डकैत सोहन कोल उर्फ राजा भईया पुत्र रामनाथ कोल निवासी घाटाकोलान थाना बहिलपुरवा जनपद चित्रकूट को गिरफ्तार किया गया है। सोहन को थाना मानिकपुर क्षेत्र के कल्याणपुर के जंगल में मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने पकड़ा। इसके पास से बबुली एवं लवलेश की दो थर्टी स्प्रिंग फील्ड सेमीऑटोमेटिक राइफल व एक 315 बोर की फैक्ट्री मेड राइफल के साथ 100 जिंदा कारतूस अलग अलग बोर के बरामद किए गए हैं। सोहन को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर उप्र पुलिस डकैतों को संरक्षण देने वाले सफेदपोशों और बबुली व लवलेश के मारे जाने की हकीकत के बारे में पूछताछ करेगी।
मुठभेड़ से भागा था सोहन
डकैत सोहन के बारे में खुलासा करते हुए उप्र पुलिस ने बताया कि 15 व 16 सिंतबर को सतना के थाना धारकुण्डी क्षेत्र में मप्र पुलिस से गई मुठभेड़ में बबुली कोल एवं लवलेश मारे गए थे। गैंग में शामिल तीन डकैत सोहन, संजय और छोटा भईया मुठभेड़ के बाद गैंग के असलहे व कारतूस लेकर भाग गए थे। चित्रकूट पुलिस को गैंग के जंगलों में छिपे होने की सूचना मिल रही थी। एेसे में जनपद चित्रकूट पुलिस, एण्टी डकैती टीम, चित्रकूट धाम परिक्षेत्र की एण्टी डकैती टीम लगातार मारकुण्डी और मानिकपुर के जगलों में कॉम्बिंग कर रही थी।
कल्याणपुर के जंगल से पकड़ा
उप्र पुलिस का कहना है कि गुरुवार को साढ़े 11 बजे जब पुलिस टीमें मानिकपुर के कल्याणपुर के जंगलों में कॉम्बिंग कर रही थी तभी अचानक एक व्यक्ति बंदूक लिए दिखा। पुलिस टीम ने उसे ललकारा तो फायर करना शुरू कर दिया। पुलिस ने अपनी जबाबी फयरिंग की और घेराबंदी करते हुए गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम सोहन कोल उर्फ राजा भईया पुत्र रामनाथ कोल निवासी घाटाकोलान थाना बहिलपुरवा बताया। पूछताछ में सोहन ने उप्र पुलिस को बताया कि मप्र पुलिस की मुठभेड़ में वह संजय कोल पुत्र रज्जू कोल निवासी टिकरिया व छोटे उर्फ छोटा भईया पुत्र निरहुआ निवासी टिकरिया के साथ बबुली व लवलेश के हथियार लेकर भाग गया था।
गुफा में छिपाए थे हथियार
सोहन ने पुलिस को बताया कि उसने जंगल की सुरक्षित गुफा में हथियार छिपा दिए थे। तीनों ने तय किया था कि इन्हीं हथियारों के दम पर नया गैंग बना लेंगे। पुलिस का कहना है कि जिस फायर पावर के बारे मेंचर्चा होती रही वह थर्टी स्प्रिंग फील्ड सेमी ऑटोमेटिक राइफल ददुआ, ठोकिया, बलखडय़िा गैंग से होते हुए बबुली गैंग के पास पहुंची थी। पुलिस ने गैंग के सभी हथियार बरामद कर लिए हैं। एेसे में फायर पावर के खात्मे के साथ इस गैंग के पनपने की आशंका पर भी विराम लग गया है।
फिरौती के 20 हजार मिले
पुलिस ने सोहन के कब्जे से दो थर्टी स्प्रिंग फील्ड सेमी ऑटोमेटिक राइफल, एक 315 बोर फैक्ट्री मेड राइफल, थर्टी स्प्रिंग फील्ड के 57 कारतूस, 315 बोर के 23 कारतूस, 12 बोर के 20 कारतूस, 315 बोर का एक खोखा, 315 बोर की एक मैगजीन, थर्टी स्प्रिंग फील्ड के 6 चार्जर, एक सोलर मोबाइल चार्जिंग प्लेट, एक पुल थ्रू, दो बंडुलिया, एक काला बैग और 20 हजार रुपए नकद मिले हैं। जो सोहन ने फिरौती में मिला हिस्सा बताया है।
इस टीम ने पकड़ा
सोहन को गिरफ्त में लेने वालों में थाना मानिकपुर से निरीक्षक केके मिश्रा, वरिष्ठ एसआइ अशोक कुमार निगम, एसआइ अनिल कुमार साहू, एण्टी डकैती टीम से निरीक्षक केपी दुबे, एसआइ संदीप पटेल, एसआइ रोहित तिवारी समेत इनकी टीम, डीआइजी की एण्टी डकैती टीम से एसआइ शिवप्रसाद व मारकुण्डी थाना प्रभारी मोहम्मद अकरम व सायबर टीम से आरक्षक जितेन्द्र कुमार की अहम भूमिका रही।
सोहन, लाली की मां का अपना कहना
पुलिस मुठभेड़ में दस्यु सरगना बबुली कोल और लवलेश को मार गिराने का दावा सतना पुलिस कर चुकी है। दोनों की दुर्दांत डकैतों का तराई से सफाया होने के बाद मप्र और उप्र के सीमाई इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली है। लेकिन सोशल मीडिया में वायरल हो रहे लाली कोल की मां और फिर उप्र पुलिस की गिरफ्त में आए डकैत सोहन के वीडियो ने कई सवाल खड़े कर दिए। डकैत बबुली और लवलेश को मारने का दावा अपनी जगह इन दोनों वीडियो में किया गया है। लाली की मां कह रही है कि उसके बेटे ने ही दोनों को मार गिराया है। जबकि सोहन कह रहा है कि उसने बबुली और लवलेश को गोली मारकर ढेर कर दिया। पुलिस मुठभेड़ के बाद आखिर एेसा क्यों हो रहा है? क्या लाली की मां अपने बेटे की पीठ थपथपा कर दोनों डकैतों पर घोषित इनाम लेना चाहती है? क्या उप्र पुलिस की पकड़ में आया सोहन एेसा कहकर अपना कद बड़ा करना चाहता है? क्या मप्र पुलिस को मिली सफलता पच नहीं रही जो एेसे बयान कराए जा रहे हैं। एक बात यह भी है कि उप्र की जिला पुलिस, एसटीएफ और डीआइजी की टीमें मारे गए इन दोनों डकैतों पर कई साल से निशाना साधे बैठी थीं। लेकिन जब मप्र पुलिस के पाले में कामयाबी आई तो सभी सन्न रह गए। एेसा माना जा रहा है कि दोनों डकैत पुलिस की रणनीति से ही मारे गए हैं। अब श्रेय लेने और अपना कद बढ़ाने की होड़ मची है।