
TI Santosh Tiwari
सतना. जिला पुलिस में शनिवार को एक बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिसिंग में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने नयागांव थाना प्रभारी संतोष तिवारी सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। टीआइ तिवारी के अलावा जिन तीन आरक्षकों पर निलंबन की गाज गिरी है, उनमें विमलेश यादव, रत्नेश सिंह व रघुवीर शामिल हैं।
एसडीओपी की जांच रिपोर्ट के बाद गिरी गाज
बताया गया कि रीवा जिले के सेमरिया निवासी दो युवकों के पास नशीली कफ सिरप बरामद होने के बावजूद उक्त पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई करने की बजाय मोटर वीकल एक्ट के तहत महज 500 का चालान काट कर छोड़ दिया था। इसकी जानकारी मिलने पर एसपी ने एसडीओपी किरण किरो को मामले की जांच सौंपी थी। सूत्रों के अनुसार एसडीओपी ने शनिवार को अपनी जांच रिपोर्ट एसपी की टेबल पर रखी, जिसके बाद टीआइ संतोष तिवारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। एसपी की इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कम्प मच गया है। सूत्रों के अनुसार नयागांव थाना की कमान एसआइ आशीष बरकड़े को सौंपी गई है।
यह है पूरा मामला
एमपी-यूपी के बार्डर पर चित्रकूट का थाना नयागांव संवेदनशील थाना होने के साथ ही बहुत महत्वपूर्ण भी है। यहां रोजाना हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी के अलावा दो राज्यों के बदमाशों पर नकेल कसने की भी चुनौती रहती है। ऐसे में कफ सिरप के तस्करों पर कार्रवाई नहीं होने को बहुत ही गंभीर माना गया। सूत्रों के अनुसार 23-24 की रात रामघाट के पहले पुलिस की चेकिंग लगी हुई थी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे लेकिन जल्द ही पकड़ लिए गए। युवकों को ड्यूटी पर तैनात विमलेश यादव, रत्नेश सिंह व रघुवीर थाना ले गए। दोनों को पूरी रात बिना किसी लिखा-पढ़ी के थाना में बैठाकर अगली सुबह 500 रुपए का चालान काटकर चलता कर दिया गया। जबकि मुखबिरों ने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी थी कि युवक नशीली कफ सिरप की तस्करी में लिप्त हैं। युवकों पर जब कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो आशंका जताई गई कि लेनदेन कर मामले को रफा-दफा कर दिया गया है। आरोप है कि धर्मेन्द्र मिश्रा निवासी सेमरिया जिला रीवा को 300 शीशी कौरेक्स के साथ 23 मार्च को रात 9 बजे पकड़ा गया था, जिससे एक लाख लेकर 24 मार्च की सुबह छोड़ा गया
दो साल में नयागांव के दो टीआइ सस्पेंड
प्रभु श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के थाना नयागांव में पदस्थ थानेदारों के सस्पेंड होने का दो साल के अंदर यह दूसरा मामला है। संतोष तिवारी के निलंबन से पहले जून 2020 में तत्कालीन थाना प्रभारी आशीष धुर्वे (वर्तमान में धारकुंडी थानेदार) को तब के एसपी रियाज इकबाल ने सस्पेंड कर दिया था। आरक्षक की हत्या और मंदाकिनी में मिली अष्टधातु की मूर्ति के मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी नहीं देने पर धुर्वे नप गए थे। जिले में दो साल के अंदर तीन टीआइ निलंबित हो चुके हैं। 2020 में सिंहपुर थाना में चोरी के संदेही राजपति कुशवाहा को लॉकअप में गोली से उड़ाने के आरोप में टीआइ विक्रम पाठक को पहले सस्पेंड कर दिया गया था।
Published on:
27 Mar 2022 01:46 am
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