
Gaushala made cattle closed in tahsil premises
सतना। आवारा मवेशियों से परेशान नागौद क्षेत्र के किसानों ने विरोध का हैरान करने वाला तरीका अपनाया है। किसानों ने सैकड़ों मवेशियों को एकत्रित कर तहसील परिसर में बंदकर तबेला बना दिया। इसके बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ तो अनशन शुरू कर दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर भेजा गया। लेकिन, ग्रामीणों ने एक नहीं सुनी। अनशन पर बैठे रहे। और किसानों ने इस बात की चेतावनी दी कि अगर समस्या का जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो वे तहसील परिसर से न मवेशी हटाने देंगे और न ही प्रदर्शन खत्म करेंगे। किसानों का यह हंगामा देर रात तक यूं ही चलता रहा।
ज्ञापन देकर निराकरण की मांग
दरअसल, किसान मवेशियों से काफी परेशान हो चुके हैं। किसी भी खेत में रात के वक्त सैकड़ों आवारा मवेशी घुस जाते हैं और फसल बर्बाद कर देते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए किसानों ने शासन-प्रशासन को कई बार ज्ञापन देते हुए निराकरण की मांग भी कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई। उसके बाद ग्रामीणों ने मवेशी मालिकों के खिलाफ थाने में भी लिखित शिकायत की। उसे भी नजरअंदाज कर दिया गया। जिसके बाद आवारा मवेशियों और प्रशासन के रवैये से गुस्साय किसानों ने ऐसा कदम उठाने के लिए मजबूर हुए।
रात 10 बजे अनशन पर बैठ गए
मंगलवार को किसान काफी आक्रोशित हो गए। वे मवेशियों को हांककर तहसील कार्यालय ले गए। जब मवेशी तहसील प्रांगण में बड़ी संख्या में हो गए, तो मुख्य गेट को बंद कर दिया। उसके बाद कहने लगे कि तबेला अब तहसील में ही रहेगा। उसके बाद मुख्य गेट पर प्रदर्शन करना शुरू कर दिए। कुछ किसान अनशन पर बैठ गए। सूचना के बाद पुलिस-प्रशासन हरकत में आया। रात करीब दस बजे पुलिस बल को मौके पर भेजा गया। लेकिन, वे सुनने को तैयार नहीं हुए।
Published on:
13 Dec 2017 11:48 pm
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