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helth tips: अदरक, तुलसी व आंमला से बढ़ा सकते रोग प्रतिरोधक क्षमता

आयुर्वेद चिकित्सक ने सफाई कर्मचारियों को दिए जरूरी दिप्स

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Ancient Ayurvedic

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बिरसिंहपुर. आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गुरुवार को नगर परिषद सभागार में आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. पुष्पेंद्र पटेल ने सफाईकर्मचारियों को सुरक्षा के गुर बताए। बताया कि सुबह 10 ग्राम चवनप्राश का सेवन करें। दूध में हल्दी मिलाकर पिएं। तुलसी, दालचीनी, कालीमिर्च, सुखी अदरक और मुनक्का से बनी हर्बल चाय जिसे काढ़ा कहते हैं चाय की जगह दो बार जरूर पिएं।

संतरा, मौसमी स्ट्रॉबेरी
शरीर में विटामिन-सी की मात्रा बढ़ाने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए संतरा, मौसमी स्ट्रॉबेरी, नीबू और आंमला का प्रयोग ज्यादा करने की सलाह दी है। जिससे शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े और हम जल्दी बीमार न हो सकंे। वहीं अदरक एक गर्म पदार्थ है, जिसे कफ और खांसी के इलाज में रामबाण कहा जाता है। अदरक का सेवन करने से फ्लू और इन्फेक्शन से निजात मिलती है।

लहसुन बहुत मददगार
लहसुन के फायदे बताते हुए कहा है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में लहसुन बहुत मददगार है। लहसुन से उच्च रक्त चाप और धमनियों को सख्त बनाने में मदद करता है। लहसुन में एलीसिन पाया जाता है जोकि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जाना जाता है। साथ ही बिरसिंहपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मेडिकल ऑफिसर डॉ. रुपेश सोनी ने रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए व्यायाम, इम्युनिटी बढ़ाने में काफी कारगार साबित होता है।

इस दौरान बिरसिंहपुर तहसीलदार मनीष पाण्डेय, सीएमओ अंबिका प्रसाद पाण्डेय, लेखापाल यज्ञनारायण मिश्रा, शिवशंकर पाण्डेय सहित निकाय के कर्मचारी व सफाई कर्मवीर उपस्थित रहे।