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मेहुल की कंपनी सतना के व्यापारी को लगा चुकी 13 लाख का चूना, जमानत राशि वापस नहीं की कंपनी ने

सिटी कोतवाली थाने में व्यापारी ने की थी लिखित शिकायत

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सतना

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Suresh Mishra

Feb 18, 2018

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सतना। पीएनबी महाघोटाले में हीरा व्यापारी नीरव मोदी के साथ चर्चा में आए मेहुल चोकसे की कंपनी गीतांजलि जेम्स का सतना से भी कनेेक्शन भी जुड़ गया है। गीतांजलि जेम्स ने सतना के व्यापारी राहुल मिश्रा को 13 लाख की चपत लगाई थी। इसकी शिकायत सिटी कोतवाली थाने में व्यापारी ने अक्टूबर 2017 में की, जिसकी जांच जारी है।

गौरतलब है कि गीतांजलि ग्रुप पर पीएनबी महाघोटले में जांच चल रही है। व्यापारी राहुल मिश्रा ने शिकायत में बताया था कि उनकी फर्म एलसी इंटरप्राइजेस रीवा रोड पर संचालित है।

13 लाख रुपए धरोहर राशि

9.11.2015 को गीतांजली लाइफस्टाइल लिमिटेड से उनकी कंपनी का अनुबंध हुआ था। इसके तहत कंपनी को 13 लाख रुपए धरोहर राशि के रूप में जमा कराई। इसके आधार पर ज्वेलरी व अन्य सामग्री आनी थी। शुरुआत में कंपनी ने समय पर ज्वेलरी आदि की सप्लाई जारी रखी। लेकिन, दो माह बाद कार्यशैली बदल गई।

मेल व फोन पर शिकायत
डिफेक्टेड आइटम तक भेजे जाने लगे। इसकी शिकायत मेल व फोन पर की गई। इस पर बदलने का आश्वासन मिलता था, लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो रहा था। कंपनी से जुड़े अधिकारियों से बात करने के बाद भी समाधान नहीं मिला। तो व्यवसाय बंद करने का मेल कर दिया। जिसके बाद कंपनी ने करीब 85 हजार बकाया होने की बात कही। इस पर मैंने धरोहर राशि से कटौती करते हुए शेष राशि के भुगतान करने का मेल कर दिया। लेकिन, आज तक उसका भुगतान नहीं हो सका।

तीन को बताया था आरोपी
सतना के व्यापारी ने गीतांजली कंपनी के एमडी सहित तीन को आरोपी बताया था। उन्होंने अपनी शिकायत में एमडी मेहुल चौकसे, ग्रुप प्रेसीडेंंट सौरभ भट्टाचार्य और हेड सेल्स मैनेजर नरेंद्र जोकटा को आरोपी बताया था। इन लोगों के माध्यम से अनुबंध सहित व्यापार को शुरू किया गया था।

समान तक नहीं उठाया कंपनी ने
व्यापारी ने अनुबंध खत्म करने के मेल के बाद कंपनी को अपना समान ले जाने तक को कहा था। इसके लिए मेल सहित कंपनी के अधिकारियों से फोन पर लगातार बात तक की। कंपनी ने कुछ आर्टिफिशियल ज्वेलरी कूरियर से मंगाई, लेकिन शेष समान नहीं उठाया। व्यापारी लगातार परेशान रहा, कंपनी ने नहीं सुनी।

लीगल नोटिस के बाद शिकायत
व्यापारी ने शिकायत में बताया है कि कंपनी अनुबंध के आधार पर पैसे वापस नहीं कर रही थी। तो उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कंपनी को लीगल नोटिस भेजा था। जिसका जवाब कंपनी के अधिवक्ता ने भी भेजा। लेकिन, उसमें राशि वापस करने या अनुबंध को लेकर विशेष कुछ भी नहीं था। लिहाजा उन्होंने थाने में शिकायत की थी।