
govt. venkat higher secondary school no. 1 satna, madhya pradesh
सतना। उत्कृष्ठ व मॉडल स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के लिए शासन ने वर्ष 2017 में विशेष पात्रता परीक्षा का आयोजन किया था। इसके माध्यम से चयनित शिक्षकों को काउसलिंग कर उत्कृष्ठ व मॉडल स्कूलों में पदस्थ करना था। लेकिन, ये पूरी व्यवस्था जिला मुख्यालय पर ही धराशायी हो गई।
करीब दो साल बाद भी व्यंकट १ स्कूल में व्यवस्था को लागू नहीं किया जा सका। पात्रता परीक्षा से चयनित शिक्षकों को उत्कृष्ठ विद्यालय में पदस्थ कर दिया गया, लेकिन स्कूल में पहले से पदस्थ परीक्षा में अचयनित शिक्षकों को नहीं हटाया गया। जिसका असर है कि स्कूल में मापदंड से २९ शिक्षक ज्यादा है। वहीं पात्र व अचयनित शिक्षकों के बीच बच्चे पीस रहे हैं।
शासन ने नीति अनुसार 24 जुलाई 2017 को ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की थी। जिसके तहत जिलेभर के शिक्षकों ने भाग लिया। परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों में से 39 शिक्षकों का चयन व्यंक्ट 1 स्कूल के लिए किया गया। लेकिन, स्कूल में पहले से पदस्थ 29 शिक्षक ऐसे हैं, जिन्होंने पात्रता परीक्षा में हिस्सा नहीं लिया और कुछ ने लिया तो चयनित नहीं हुए। नियमत: चयनित शिक्षकों को पदस्थापित करते हुए अचयनित शिक्षकों को अन्य स्कूलों में शिफ्ट कर देना चाहिए था। लेकिन, जिला मुख्यालय में ऐसा नहीं किया गया।
जिले में व्यंकट-1 स्कूल बना अपवाद
जिले में उत्कृष्ठ व मॉडल स्कूलों की संख्या 13 है। इन सभी में 2017 की नीति के अनुसार व्यवस्था लागू कर दी गई। केवल व्यंकट 1 स्कूल अपवाद बना हुआ है, जहां व्यवस्था को दो साल बाद भी लागू नहीं किया जा सका है। इसके पीछे बड़ा कारण है कि अधिकतर अचनित शिक्षक जिला मुख्यालय छोडऩा नहीं चाहते। जिसके लिए राजनीतिक रसूख से लेकर हर प्रकार के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं।
12 तक होनी थी काउसलिंग
लगातार शिकायत होने के बाद आयुक्त लोक शिक्षण ने 4 जनवरी को पत्र जारी किया था। जिसमें 12 जनवरी तक काउसलिंग पूरी करते हुए प्रक्रिया पूरी करने को कलेक्टर को कहा था। उसके बाद कलेक्टर ने जिपं सीईओ को जिम्मेदारी दे दी थी। लेकिन, ये प्रक्रिया भी सतना जिले में पूरी नहीं हो पाई। अब बताया जा रहा है कि 27 जनवरी तक काउसलिंग होनी है।
Published on:
20 Jan 2019 04:31 pm
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