
सतना. आसमान में शुक्रवार की सुबह से उमड़ रहे बादल शाम होते ही अचानक बरस पड़े। शाम चार बजे से गरज-चमक व तेज हवा से साथ जमकर बारिश हुई। जिला मुख्यालय से 50 किमी. दूर मझगवां विकासखंड में बारिश के साथ ओले भी पड़े। ओलावृष्टि से मझगवां घाटी पर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई। महतैन, केल्हौरा, पुतरीचुआ सहित छह से अधिक पहाड़ी गांव कुछ समय के लिए कश्मीर जैसी घाटी में तब्दील हो गए। धरती एवं सड़क पर जमी बर्फ का आनंद लेने लोग घरों से बाहर निकल आए।
ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
जिले की मझगवां, बिरसिंहपुर, कोटर तथा सतना तहसील में एक घंटे तक तेज बारिश हुई। बिन मौसम बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को आंशिक नुकसान होने की खबर है। मझगवां एवं बिरसिंहपुर क्षेत्र में लगभग 20 मिनट तक ओले बरसे। इससे क्षेत्र में पककर तैयार खड़ी दलहन व तिलहन की फसलों को नुकसान हुआ है। बिन मौसम आंधी-पानी के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सिंहपुर के टीकर गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया।