7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

14 साल में 29 तबादले वाली तहसीलदार के तबादले पर कोर्ट ने लगा दी रोक..जानिए क्या है मामला

सीधी: चुरहट तहसीलदार के तबादले पर रोक, हाईकोर्ट ने सरकार से किया जवाब-तलब

2 min read
Google source verification
High court stay on transfer of tehsildar amita singh from Sidhi

High court stay on transfer of tehsildar amita singh from Sidhi

सीधी। मप्र हाईकोर्ट ने सीधी जिले की चुरहट तहसीलदार अनीता सिंह तोमर का श्योपुर किया गया तबादला स्थगित कर दिया है। सिंह ने दो साल में सातवीं बार स्थानांतरण किए जाने को चुनौती दी है। जस्टिस संजय द्विवेदी की बेंच ने राज्य सरकार ने मामले पर जवाब-तलब किया है।

यह है मामला
तोमर की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि दो साल के अंदर उनके सात तबादले किए गए। रतलाम, राजगढ़, सारंगपुर, नरसिंहगढ़, ब्यावरा के बाद उन्हें चुरहट स्थानांतरित किया गया। अधिवक्ता जय शुक्ला ने कोर्ट को बताया कि 30 जून 2018 को सरकार ने फिर याचिकाकर्ता का स्थानांतरण श्योपुर करने के आदेश जारी कर दिए। उन्होंने इसे नियमों के खिलाफ व अनुचित बताया। उन्होंने तर्क दिया कि प्रशासनिक आदेश की आड़ लेकर तबादला किया गया, जबकि आदेश में इसकी वजह नहीं बताई गई।

आदेश मिलते ही कर दिया था भारमुक्त
मप्र राज्यपाल के आदेशानुसार अवर सचिव सुमन रायकवार ने अमिता सिंह तोमर को 4 जुलाई को श्योपुर के लिए स्थानांतरित किया है। आदेश की प्रति मिलते ही कलेक्टर ने उन्हें भारमुक्त कर दिया। उनके स्थान पर गोपद बनास तहसीलदार को चुरहट तहसील का प्रभार दिया गया है।

केबीसी में जीते 50 लाख
आपको बता दें कि अमिता सिंह ने केबीसी में 50 लाख रुपए भी जीते हैं। जिसके बाद से विभाग में उन्हें केबीसी वाली मैडम कहा जाता था लेकिन तबादलों की लिस्ट में बार-बार नाम आने के बाद उन्हें तबादले वाली मैडम कहा जाता है। अमिता के पति ग्वालियर में ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हैं जबकि बेटी डॉ. अदिति सिंह महिला सशक्तिकरण अधिकारी बागली (देवास) में पदस्थ है।

14 साल की नौकरी में 29 तबादले
तहसीलदार अमिता सिंह तोमर का 14 साल की नौकरी में 29 तबादले हो चुके थे। 11 जिले और 27 तहसीलों में पदस्थापना के बाद बुधवार को उनका सीधी के चुरहट से शिवपुरी तबादला हो गया। ऑर्डर आते ही कलेक्टर दीपक सिंह ने उन्हें तुरंत रिलीव भी कर दिया। इससे पिछली बार ब्यावरा से 800 किमी. दूर सीधी तबादला होने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र औैर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ट्वीट कर न्याय की गुहार लगाई थी। सीधी में वे अतिक्रमण के खिलाफ तेजी से कार्रवाई को लेकर चर्चा में आईं थी। हालाकि स्थानीय लोगों ने उन पर जमीन नामांतरण में गड़बड़ी के आरोप लगाए। अपनी पदस्थी के दौरान वे अपने पालतू कुत्ते बेबो की सरकारी भूमि पर समाधि बनवाने और उसके 12वें पर शाही भोज को लेकर सुर्खियों में आईं। उनकी शिकायत रीवा संभायुक्त महेशचंद्र चौधरी से भी की गई थी। अमिता सिंह केबीसी यानी कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपए भी जीत चुकी हैं।